14 से 20 नवम्बर तक आयोजित होगा 74वां राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेला,बैठक हुई आयोजित।

14 से 20 नवम्बर तक आयोजित होगा 74वां राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेला,बैठक हुई आयोजित।

स्थानीय संस्कृति से रोजगार तक,नए स्वरूप में आयोजित होगा 74वां गौचर मेला।

गौचर (चमोली):-18 सितंबर 2026
रिपोर्ट:-ललिता प्रसाद लखेड़ा.

जनपद चमोली के गौचर में आगामी 14 से 20 नवम्बर 2026 तक आयोजित होने वाले 74वें राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेला-2026 के सफल, भव्य एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर शुक्रवार को मेला समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई।

मेला अध्यक्ष/जिलाधिकारी गौरव कुमार ने वर्चुअल माध्यम से बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को मेले से संबंधित सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों एवं विभिन्न संगठनों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सर्वमान्य सुझावों को आयोजन की व्यवस्थाओं में शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में मेलाधिकारी/उप जिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौड़ियाल ने 73वें गौचर मेले की व्यवस्थाओं एवं आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया।

बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष संदीप नेगी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, सभासद सहित मेला समिति से जुड़े पदाधिकारियों एवं संबंधित लोगों ने मेले को और अधिक आकर्षक एवं जनोपयोगी बनाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए। व्यापार संघ की ओर से मुख्य मेला मंच के आसपास के क्षेत्र को खुला एवं व्यवस्थित रखने, स्थानीय दुकानदारों के लिए दुकानों की दरों में रियायत देने,सांस्कृतिक संध्याओं को और अधिक व्यापक बनाने तथा स्थानीय कलाकारों को विशेष अवसर देने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने, मेले में सीसीटीवी निगरानी, स्वागत समिति के गठन तथा विभागीय गोष्ठियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने पर भी चर्चा हुई।

अपर जिलाधिकारी ने मेले के अवसर पर “स्मारिका प्रकाशन”, महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित करने तथा युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए रोजगार मेले के आयोजन का सुझाव दिया। उद्योग विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से युवाओं को रोजगार, उद्यमिता एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि गौचर मेला जनपद की औद्योगिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय विरासत को व्यापक मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने कहा कि मेले में युवाओं एवं महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए और उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता तथा स्थानीय उत्पादों से जोड़ने के लिए प्रभावी गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने विभागीय स्टॉलों को केवल औपचारिक सूचना प्रदर्शन तक सीमित न रखते हुए उन्हें अधिक जानकारीपरक, आकर्षक एवं जनोपयोगी बनाने तथा रोस्टर के अनुसार योजनाओं के लाभार्थियों को आमंत्रित कर मौके पर योजनाओं की जानकारी एवं लाभ दिलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मेले के लिए समय से ले-आउट प्लान तैयार करने, पार्किंग, शौचालय, पेयजल, विद्युत एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को पर्याप्त रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले से पूर्व मैदान के प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण कराया जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक सुरक्षा ऑडिट कराने तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा।

जिलाधिकारी ने मेले को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर देते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने तथा आगामी बैठकों में प्रगति की समीक्षा करने को कहा। बैठक में मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, औद्योगिक एवं विभागीय प्रदर्शनी, व्यापारिक गतिविधियों, पार्किंग, यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष संदीप नेगी,पूर्व प्रमुख राजेन्द्र सगोई, भुवन नोटियाल,अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उप जिलाधिकारी अलकेश नौड़ियाल, नगर पालिका सभासद, व्यापार संघ के पदाधिकारी,संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य उपस्थित रहे।

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