ग्रामीणों की मेहनत लाई रंग:-सिंद्रवाणी–सकण्ड मोटर मार्ग के प्रथम चरण के नव निर्माण को मिली प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति।
कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में 9.50 किमी मोटर मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया शुरू, प्रथम चरण के लिए ₹15.68 लाख स्वीकृत।
कर्णप्रयाग (चमोली):-22 सितंबर 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत.
जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सिंद्रवाणी से सकण्ड तक 9.50 किलोमीटर मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्य के प्रथम चरण के लिए शासन स्तर से प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड शासन द्वारा शासनादेश जारी किया गया है।
शासनादेश के अनुसार,उक्त मोटर मार्ग की कुल लंबाई 9.500 किलोमीटर है। प्रथम चरण में उपलब्ध कराए गए आगणन के आधार पर ₹15.68 लाख की लागत से आवश्यक कार्यवाही एवं सर्वेक्षण आदि के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय हेतु ₹10 हजार की धनराशि भी प्राविधानित की गई है। शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को वित्तीय स्वीकृति हेतु प्रस्तुत की जाएगी। निर्माण कार्य में शासन द्वारा निर्धारित दरों, विशिष्टियों एवं मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ही कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सिंद्रवाणी–सकण्ड मोटर मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय ग्रामीणों को दैनिक आवागमन, परिवहन तथा आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, स्थानीय उत्पादों के परिवहन तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को भी बेहतर आधार मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्य से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को नियमानुसार पूर्ण करते हुए स्वीकृत कार्य को गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बताते चलें कि,सड़क सुविधा से वंचित कर्णप्रयाग विकासखंड के सकंड गांव के ग्रामीणों का सब्र तब जवाब दे गया था. जब शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लगातार सड़क की मांग करने के बावजूद जब गांव तक सड़क नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने खुद ही गैंती, फावड़ा, बेलचा और अन्य औजार उठा लिए थे. ग्रामीणों ने अपने निजी संसाधनों और श्रमदान से गांव तक सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया था।
ग्रामीणों का आरोप था कि,विधायक अनिल नोटियाल ने तीन महीने के भीतर सड़क का सर्वे कराने और जल्द सड़क कटिंग का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था,लेकिन समय बीतने के बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी, कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गांव को सड़क सुविधा से नहीं जोड़ा गया तो साल 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव बहिष्कार की स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
वहीं, मामले का संज्ञान लेते हुए सीएम धामी ने संबंधित जिलाधिकारी को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. साथ ही सभी संबंधित विभाग को मिलकर तत्काल कार्रवाई करने को कहा.ल। उनका कहना है कि ग्रामीणों की सड़क संबंधी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए. साथ ही निर्देश दिए कि 3 महीने के भीतर सड़क का निर्माण कार्य पूरा किया जाए।
कर्णप्रयाग विधायक अनिल नोटियाल ने बताया कि,कई बार की सर्वे के बाद विभागीय व अन्य तकनीकी अड़चनों के बाद सड़क का कार्य शुरू नही हो पा रहा था, जिसके बाद ग्रामीणों की सहमति से दुबारा से सर्वे कराया गया,कहा कि अब प्रथम चरण की वित्तिय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। जिसके लिए वो मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनता के विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं अब सड़क निर्माण के प्रथम चरण के लिए 15.68 लाख रुपये की स्वीकृति के बाद जल्द गांव तक सड़क पहुंचने की ग्रामीणों की उम्मीद जगी है।
