गैरसैंण में रामगंगा नदी पर बांध निर्माण परियोजना को मिली वित्तीय स्वीकृति,122.69 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
गैरसैंण:- 28 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण नगर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत चमोली जनपद में रामगंगा नदी पर बांध निर्माण परियोजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना की कुल लागत 122.6891 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जबकि कार्य शुरू करने के लिए प्रथम किश्त के रूप में 2.454 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य गैरसैंण नगर और आसपास की आबादी की वर्तमान एवं भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करना है। पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और पेयजल की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शासनादेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। कुल स्वीकृत लागत में पहले चरण के लिए पूर्व में स्वीकृत 24.76 लाख रुपये भी शामिल हैं। प्रारंभिक धनराशि राज्य आकस्मिकता निधि से उपलब्ध कराई जाएगी। आगे की धनराशि की व्यवस्था केंद्र सरकार की एसएएससीआई (SASCI) योजना के अंतर्गत किए जाने का प्रावधान है।
परियोजना के क्रियान्वयन में तकनीकी मानकों, निर्माण की गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन का पालन अनिवार्य किया गया है। बांध एवं बैराज की संरचनात्मक डिजाइन और ड्राइंग को मान्यता प्राप्त संस्था से जांच एवं सत्यापन के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। निर्माण शुरू होने से पहले कार्यस्थल का निरीक्षण, आवश्यक मृदा परीक्षण और भूगर्भीय उपयुक्तता की जांच भी कराई जाएगी।
निर्माण में इस्तेमाल होने वाली रेत, बजरी, सीमेंट, स्टील और अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में परीक्षण तथा तृतीय पक्ष गुणवत्ता जांच की व्यवस्था की गई है।शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि बांध निर्माण के दौरान और काम पूरा होने के बाद भी डाउनस्ट्रीम क्षेत्र के प्रभावित गांवों को निर्बाध जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। जल स्रोत में आवश्यक न्यूनतम जल उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि परियोजना के कारण अन्य क्षेत्रों की पेयजल जरूरतें प्रभावित न हों।
परियोजना में अनावश्यक खर्च रोकने, स्वीकृत बजट का निर्धारित मदों में उपयोग करने और निविदा प्रक्रिया में बचत होने पर धनराशि शासन को वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यस्थल पर सूचना पट्ट लगाने, निर्माण से पहले और बाद की तस्वीरें एवं वीडियो सुरक्षित रखने तथा परियोजना को पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने की व्यवस्था भी की गई है।
स्वीकृत प्रारंभिक धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2027 तक सुनिश्चित करना होगा। संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता, लागत और समयबद्ध क्रियान्वयन के प्रति जवाबदेह बनाया गया है। रामगंगा नदी पर बांध निर्माण परियोजना की स्वीकृति से गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, क्षेत्रवासियों को इसका वास्तविक लाभ निर्माण कार्य की शुरुआत, समय पर पूरा होने और प्रभावी जलापूर्ति व्यवस्था विकसित होने के बाद ही मिल सकेगा।
