अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ सदन,अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पास।
गैरसैंण:-28 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में दो दिवसीय विधानसभा सत्र बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के समापन के बाद संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मीडिया से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने सदन की कार्यवाही, विपक्ष के हंगामे, अनुपूरक बजट और पारित किए गए विधेयकों को लेकर सरकार का पक्ष रखा. सुबोध उनियाल ने कहा सरकार ने जरूरी वित्तीय और विधायी कामकाज पूरा करते हुए अनुपूरक बजट और राज्यहित से जुड़े 9 अन्य विधेयकों को सदन से पारित करा लिया. उन्होंने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा हंगामे के कारण महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा नहीं हो सकी. सुबोध उनियाल के मुताबिक, सदन में बजट और विधेयकों पर चर्चा के साथ विपक्ष को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलना था, लेकिन कार्यवाही अपेक्षित तरीके से आगे नहीं बढ़ पाई।
पहले दिन दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सत्र के पहले दिन की कार्यवाही का जिक्र करते हुए कहा सदन का काफी समय प्रदेश के दो वरिष्ठ नेताओं को श्रद्धांजलि देने में लगा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय भुवन चंद्र खंडूड़ी तथा पूर्व मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के योगदान को याद किया. उनियाल ने कहा दोनों नेताओं ने उत्तराखंड के विकास और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भुवन चंद्र खंडूड़ी मुख्यमंत्री के साथ केंद्र में परिवहन मंत्री और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके थे, जबकि हीरा सिंह बिष्ट उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहने के साथ उत्तराखंड सरकार में भी मंत्री रहे। सदन के सदस्यों ने दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया. इस प्रक्रिया में करीब साढ़े छह घंटे का समय लगा। इसके बाद सदन में निर्धारित विधायी कार्यवाही आगे बढ़ी।
अनुपूरक बजट और 9 विधेयक पारित।
सुबोध उनियाल ने बताया सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान होना था। इसके साथ ही 9 अन्य विधेयकों पर भी सदन में चर्चा और उन्हें पारित करने का कार्यक्रम निर्धारित था. इस तरह अनुपूरक बजट से संबंधित विनियोग विधेयक समेत कुल 10 विधेयक सदन की कार्यवाही में शामिल थे। मंत्री ने कहा सरकार ने तमाम व्यवधानों के बावजूद अनुपूरक बजट और 9 अन्य विधेयकों को ध्वनिमत से पारित करा लिया. इन विधेयकों में वित्तीय प्रबंधन, जीएसटी और राज्य के दूसरे महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे।
विपक्ष पर हंगामा करने का आरोप।
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए संसदीय कार्य मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने बजट और विधेयकों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय हंगामे को प्राथमिकता दी। उनियाल ने कहा सदन में प्रश्नकाल,नियम 58 के तहत सूचनाओं और नियम 310 के तहत उठाए जाने वाले विषयों पर भी चर्चा होनी थी. लेकिन कार्यवाही में व्यवधान आने के कारण कई मुद्दों पर चर्चा का अवसर नहीं मिल सका। मंत्री के मुताबिक, अगर सदन सामान्य तरीके से चलता तो विधायक अपनी बात रखते, सरकार जवाब देती और अलग-अलग विषयों पर उपयोगी सुझाव भी सामने आते. उन्होंने कहा विधानसभा में चर्चा का उद्देश्य केवल विधेयकों को पारित कराना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच संवाद करना भी है। सुबोध उनियाल ने विपक्ष के रवैये को उसकी नाकामी बताया।
राज्यहित के विधेयकों पर चर्चा नहीं होने का अफसोस
सुबोध उनियाल ने कहा अनुपूरक बजट और दूसरे विधेयक प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण थे। इनमें बजट प्रबंधन और माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी से जुड़े संशोधन भी शामिल थे। उनके मुताबिक, ऐसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होती तो विधायकों को अपने सुझाव रखने का मौका मिलता और सरकार भी विभिन्न पहलुओं पर अपना पक्ष स्पष्ट कर सकती थी। उन्होंने कहा विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने और नीतियों पर चर्चा करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, लेकिन इसके लिए सदन की कार्यवाही चलना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हंगामे की वजह से राज्यहित से जुड़े प्रस्तावों पर सार्थक बहस नहीं हो सकी. सरकार ने हालांकि विधायी कार्यवाही पूरी करते हुए बजट और विधेयकों को मंजूरी दिलाने की बात कही।
अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ सदन
दो दिवसीय विधानसभा सत्र के समापन पर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने पूरे कामकाज का विवरण दिया। साथ ही विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए
