देहरादून में मानदेय बढ़ाने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने किया मुख्यमंत्री आवास कूच।
देहरादून:-02 नवंबर 2026
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में देहरादून पहुंचीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर परेड मैदान से मुख्यमंत्री आवास के लिए कूच किया।हालांकि, पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं,हाथीबड़कला में रोके जाने पर गुस्साए आंगनबाड़ी वर्कर्स आक्रोश स्वरूप सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की,साथ ही सरकार पर वादा खिलाफी का भी आरोप लगाया।
आज 2 नवंबर को अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर पहले परेड ग्राउंड में एकत्रित हुईं, उसके बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया,लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। जिससे मौके पर गहमागहमी देखने को मिली। वहीं, अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री संयुक्त संगठन की प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री ने बताया कि लंबे समय से वो मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है,जिससे वो ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी वर्करों का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपए किए जाने का फैसला लिया गया है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार को भी यहां के आंगनबाड़ी वर्करों के मानदेय में जल्द वृद्धि करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि साल 2024 में मानदेय वृद्धि को लेकर सरकार की तरफ से एक कमेटी गठित की गई थी, लेकिन ढाई साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, सरकार ने अब तक नहीं बताया कि कमेटी का क्या निर्णय आया है? कहा कि,इस दौरान सरकार का ध्यान अपनी मांगों की तरफ आकर्षित करने के लिए आंगनबाड़ी वर्करों ने अनेकों बार आंदोलन किए, लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला। इसलिए मजबूरी में आज प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि,यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले लेती है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री संयुक्त संगठन का कहना है कि अगर दिवाली से पहले उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता है, तो दिवाली के त्योहार को सभी काला दिवस के रूप में मनाएंगी।
