बॉबी पंवार-IAS विवाद : सेवा विस्तार बन गया गले की फांस! क्या करेगी सरकार?

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। सचिवालय में बेरोजगार संघ के नेता बॉबी पंवार पर बदसलूकी, जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाकर IAS अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर दिया। इस बीच IAS एसोसिएशन भी मनीक्षा सुंदरम के पक्ष में आ खड़ी हुई। IAS अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी मिला। सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने तो आम लोगों की सचिवालय में एंट्री तक पर बैन लगाने की बेतुकी मांग कर डाली।

लेकिन, इन सब बातों के बीच एक बात साफ है कि बॉबी पंवार के लिए सोशल मीडिया में जबरदस्त समर्थन देखने को मिल रहा है। अधिकारियों को लेकर लोग सख्त टिप्पणियां भी कर रहे हैं। अधिकारियों का समर्थन करने वालों को भी लोग निशाने पर ले रहे हैं। जिस तरह से सोशल मीडिया का माहौल है, उससे ऐसा लग रहा है कि उत्तराखंड में फिर बड़ा आंदोलन हो सकता है। बेरोजगार संघ पहले ही संघर्ष करने और पोल खोलने का ऐलान कर चुका है। ऐसे में सरकार के सामने भी अब दोहरी चुनौती है।

इन सब बातों के बीच एक बात सबसे ज्यादा चर्चाओं में है, वह है यूपीसीएल के MD अनिल कुमार यादव। अनिल कुमार यादव को सेवा विस्तार दिया गया। इस खबर के सामने आने के बाद से ही बवाल मचा हुआ है। बॉबी पंवार के साथ IAS अधिकारी की बहस के पीछे भी यही सबसे बड़ी वहज है। इस विवादित अधिकारी को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी सेवा विस्तार की समीक्षा करने की बात कह चुके हैं।

लेकिन, सवाल यह है कि भ्रष्टाचार पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ के दावे करने वाली सरकार इस मामले में चुप क्यों है ? क्या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले में कोई कार्रवाई कराएंगे? सेवा विस्तार देने के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों को एमडी क्यों नहीं बनाया गया? आखिर ऐसा क्या खास है कि एक विवादित और भ्रष्टाचार के गंभीर आरापों से घिरे अधिकारी को ही फिर से जिम्मेदारी दे दी गई? क्यों सेवा विस्तार का आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया?

इन सवालों के जवाब ना तो अब तक सरकार ने दिए और ना ही सचिव आर मीनाक्षी संदरम ने इस पर कुछ कहा है। बॉबी पंवार भी लगातार यही कह रहे हैं कि अगर कुछ हुआ है, तो उसके प्रमाण सामने लाए जाने चाहिए। उनका आरोप है कि सचिव को एक महीने पहले अनिल कुमार यादव के खिलाफ सबूतों का पूरा पुलिंदा सौंप चुके थे, लेकिन कार्रवाई के बजाय सेवा विस्तार दे दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी?

कुलमिलाकर देखा जाए तो पूरे फसाद की जड़ विवादित अधिकारी अनिल कुमार यादव हैं। उनका सेवा विस्तार सवालों के घरे में है। उसी सेवा विस्तार को लेकर सचिवालय में बॉबी पंवार और सचिव के बीच हॉट-टॉक हुई। बॉबी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर बॉबी पंवार और बेरोजगार संघ ने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बॉबी पंवार को लोगों का खूब समर्थन भी मिल रहा है।

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