मुख्यमंत्री के गोद लिए गांव के नजदीकी गांव की बनी सडक माहभर में क्षतिग्रस्त,मामले को लेकर ग्रामीणों की प्रदर्शन की चेतावनी।

मुख्यमंत्री के गोद लिए गांव के नजदीकी गांव की बनी सडक माहभर में क्षतिग्रस्त,मामले को लेकर ग्रामीणों की प्रदर्शन की चेतावनी।

भराडीसैंण (गैरसैंण)-06 मार्च 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत.

सरकार एक ओर जहां ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण क्षेत्र को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए तमाम योजनाएं स्वीकृत कर आमजन को लाभ देने की कोशिश कर रही है,वहीं संबंधित विभाग कार्यों में लापरवाही कर सरकार की मनसा पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं. ऐसा ही मामला आजकल भराडीसैंण के नजदीकी गांव परवाडी को जोड़ने के लिए बनाई गई सड़क निर्माण में देखने को मिल रहा है ,जहां तीन माह पूर्व में ही सड़क पर किया गया डामरीकरण उखड़कर सड़क की दशा एक बार फिर कच्ची सड़क जैसी हो गई है. जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी दिखाई दे रही है ओर मामले को लेकर ग्रामीण विधानसभा सत्र के दौरान निर्माणदाई संस्था के खिलाफ प्रदर्शन की बात कर रहे हैं.

दरअसल विधानसभा के मुख्य परिसर के नजदीकी बाजार भराडीसैंण से परवाड़ी गांव को जोड़ने के लिए सरकार ने 10 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत कर, जिसके लिए लगभग 10 करोड़ की धनराशि भी खर्च की गई है ,लेकिन सड़क पर किया गया डामरीकरण माह भर भी नहीं टिक पाया. दरअसल डामरीकरण की घटिया गुणवत्ता के चलते डामर उखड़ गया है, जिससे इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों के रपटने का खतरा बढ़ गया है.

उल्लेखनीय है कि विधानसभा भवन सहित पूरे परिसर के निर्माण के लिए परवाड़ी गांव के लोगों द्वारा ही अपना चारागाह दिया गया था.गांव वालों के त्याग को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परवाडी के नजदीकी सारकोट गांव को गोद लेकर मुख्यमंत्री आदर्श गांव बनाने की कवायद शुरू की जिसके तहत यहां स्वच्छता अभियान से लेकर शौचालय निर्माण ,गांव के सभी घरों को एक समान रंग-रोगन कर संवारने का काम किया.इसके साथ ही गांव में सोलर लाइटों की व्यवस्था सहित ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के लिए भी कई योजनाएं शुरू की गयी.इस बीच सारकोट गांव के साथ ही परवाडी को भी सड़क सुविधा से जोड़ने की योजना धरातल पर उतारी गयी.लेकिन घटिया डामर गुणवत्ता के चलते लोगों को सुविधा का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है.जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है.

जिला पंचायत सदस्य व परवाड़ी गांव निवासी कामेश्वरी देवी ने कहा कि अगर जल्द रोड का सुधारीकरण नही किया गया व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही नही की गई तो आगामी बजट सत्र के दौरान ग्रामीणों को प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा.

वहीं,मामले को लेकर विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल ने कहा कि घटिया डामरीकरण की शिकायत मिली है. जिसको लेकर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणदायी संस्था एनपीसीसी को सख्त चेतावनी देते हुए दोबारा से डामरीकरण किए जाने के लिए आदेशित कर दिया गया है।विधायक ने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही किया जायेगा।

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