रिवर्स पलायन को लेकर कांग्रेस ने सरकार के दावों पर उठाये सवाल।
देहरादून-21 दिसम्बर 2025
उत्तराखंड में रिवर्स पलायन को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सकारात्मक असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। बड़ी संख्या में लोग आजीविका और बेहतर जीवन की संभावनाओं के चलते पुनः अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का पलायन आयोग प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं और प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने का काम किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। इसके साथ ही राज्य में बड़ी संख्या में होमस्टे शुरू हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और पर्यटन को भी नया आयाम मिला है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार शीघ्र ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवासी पंचायतों का आयोजन करेगी, ताकि बाहर रह रहे उत्तराखंडी लोगों को राज्य के विकास से जोड़ा जा सके और उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सालभर पर्यटन गतिविधियां बनी रहें, इसके लिए शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई है। इस पहल को नरेन्द्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि रिवर्स पलायन को स्थायी समाधान में बदला जाए और गांवों को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
वहीं कांग्रेस ने रिवर्स पलायन को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाए। करण माहरा ने कहा कि राज्य में जो रिवर्स पलायन हुआ, वह सरकार की नीतियों का परिणाम नहीं बल्कि कोरोना काल की मजबूरी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पलायन आयोग केवल कागजों तक सीमित है और इसकी बैठकों का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं में भी सरकार रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आर्थिक स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हो पाया है।
