बाबरी मस्जिद के मुद्दे को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमाई,कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाज़ी।
देहरादून-21 दिसम्बर 2025
बाबरी मस्जिद के मुद्दे को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के एक बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है। इस पूरे विवाद में दोनों दल एक-दूसरे पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और तुष्टिकरण की राजनीति करने के आरोप लगा रहे हैं।
उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने,पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण और मुस्लिम तुष्टिकरण को लेकर कहा कि वह देश के पहले राजनीतिक व्यक्ति हैं जिन्होंने बंगाल में बाबर के नाम पर बाबरी मस्जिद बनाने का विरोध किया। उन्होंने इसे देश के सामाजिक सद्भाव को तोड़ने की कुचेष्टा बताया और आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा का हाथ है। हरीश रावत ने दावा किया कि भाजपा ने अलग-अलग विंग खड़े कर रखे हैं, जिनका उद्देश्य समाज को बांटना और अल्पसंख्यकों के वोट काटना है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में हिंदू-मुसलमान के एजेंडे पर चलती है, ताकि बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, महिलाओं पर अत्याचार, कुपोषण और पलायन जैसे मुद्दे दबे रहें।
वहीं हरीश रावत के इस बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि देश कांग्रेस और हरीश रावत की रणनीति को भली-भांति जानता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सनातन की बात करती है और उसी का समर्थन करती है। मथुरा दत्त जोशी ने आरोप लगाया कि हरीश रावत के अतीत में जुम्मे की नमाज की छुट्टी, यूनिवर्सिटी और मस्जिद से जुड़े कई बयान रहे हैं, जिन्हें लेकर सच्चाई किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल में बाबरी मस्जिद के समर्थन की बात को लेकर हरीश रावत को सफाई देनी चाहिए।
