गैरसैंण राजधानी की मांग को लेकर 15 अगस्त से देहरादून-गैरसैंण महापदयात्रा की शुरुआत।

गैरसैंण राजधानी की मांग को लेकर 15 अगस्त से देहरादून-गैरसैंण महापदयात्रा की शुरुआत।

देहरादून:-11 अगस्त 2026

उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग को लेकर आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। समिति के मुताबिक, देहरादून धरना स्थल पर 100 दिन से अधिक चले क्रमिक अनशन और दिल्ली, कर्णप्रयाग, चौखुटिया व रुद्रप्रयाग में प्रदर्शन के बाद अब आंदोलन को व्यापक रूप देने का निर्णय लिया गया है।

समिति ने नारा दिया है- “गैरसैंण नहीं तो शांति नहीं।” समिति के मुख्य संयोजक पूर्व आइएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी, पार्थ रतूड़ी, गोपाल दत्त कुमेड़ी, सुधीर गैरोला और शैलेंद्र शेखर करगेती ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति के अनुसार 13 अगस्त को सुबह नौ बजे देहरादून विधानसभा के बाहर सामूहिक मुंडन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसे गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के संकल्प और सरकार की नीतियों के विरोध के प्रतीक के रूप में बताया गया है.इसके बाद 15 अगस्त को सुबह 9:30 बजे विधानसभा के बाहर से देहरादून-गैरसैंण महापदयात्रा का शंखनाद किया जाएगा। समिति का दावा है कि पदयात्रा को उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से समर्थन जुटाया जाएगा।

समिति पदाधिकारियों ने कहा कि गैरसैंण का मुद्दा केवल राजधानी का सवाल नहीं, बल्कि पहाड़ की अस्मिता, स्वाभिमान और भावी पीढ़ियों के अधिकार से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने आंदोलन को “प्रण से प्राण तक” का संकल्प बताते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि, अब आंदोलन को पीछे नहीं खींचा जाएगा।

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