अल्मोड़ा में 21 वर्षीय महिला की वन्यजीव के हमले में मौत,जांच में जुटा वन विभाग।

अल्मोड़ा में 21 वर्षीय महिला की वन्यजीव के हमले में मौत,जांच में जुटा वन विभाग।

अल्मोड़ा:-03 अगस्त 2026

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से बाघ के हमले की एक बेहद दुखद घटना सामने आ रही है। सल्ट विधानसभा क्षेत्र के मोहान रेंज अंतर्गत डभरा सौराल के तोक घोड़ीधार में घर के समीप मौजूद एक 21 वर्षीय महिला शालिनी नेगी पत्नी रविंद्र नेगी पर वन्यजीव ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने काफी देर तक उसकी तलाश की, जिसके बाद महिला का शव बरामद हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में महिला की मौत वन्यजीव के हमले से हुई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला बाघ ने किया या किसी अन्य वन्यजीव ने। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। टीम पदचिह्नों, हमले के निशानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावर वन्यजीव की पहचान करने में जुटी हुई है।

घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को सक्रिय कर संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कराई जा रही है। साथ ही वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। क्षेत्राधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, पशु चिकित्सकों और अन्य अधिकारियों की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं तथा ग्रामीणों से नियमित फीडबैक लिया जा रहा है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से सुबह-शाम अकेले जंगल या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। महिलाओं और बच्चों को समूह में आवाजाही करने, पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर बांधने तथा किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की गतिविधि की तत्काल सूचना विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। रात्रिकालीन निगरानी भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा क्षेत्र में 9 किलोमीटर सोलर फेंसिंग का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से पीएमजीएसवाई के माध्यम से आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी फेंसिंग का काम शुरू किया गया है। प्रभावित गांवों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और त्वरित सूचना के आदान-प्रदान के लिए पहले से बनाए गए व्हाट्सएप समूहों को भी सक्रिय रखा गया है। वन विभाग ने बताया कि मृतका के परिजनों को शासन की ओर से निर्धारित 10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।अधिकारियों का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती और दीर्घकालिक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और वन्यजीव की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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