गैरसैंण के ऊजिटिया गांव में गुलदार ने गौशाला में घुसकर बनाया गायों को निवाला।
नाराज महिलाओं ने वनकर्मियों को बनाया बंधक
मेहलचौरी (गैरसैंण)-31 दिसम्बर 2025
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
विकासखंड गैरसैंण के सीमावर्ती मेहलचौरी ओर कुनीगाड क्षेत्र में गोवंश पर गुलदार के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।मंगलवार रात्रि को एक बार फिर गुलदार ने गौशाला में घुसकर गर्भवती गाय और उसके बछड़े को मार डाला।घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सुबह मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम के आधा दर्जन से ज्यादा सदस्यों को बंधक बना लिया।ग्राम प्रधान दीपा देवी ओर क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र नेगी की उपस्थिति में बंधक नाराज ग्रामीण पिंजरा लगाए जाने तक वनकर्मियों को नहीं छोडेंने की जिद्द पर अडे रहे। घटनाक्रम के अनुसार मंगलवार की रात मेहलचोरी के नजदीकी सिलंगा ग्राम पंचायत के ऊजिटिया गांव में गुलदार ने राजेंद्र सिंह मेहरा की गौशाला का दरवाजा तोड़कर सात माह की गर्भवती गाय और उसके 2 साल के बछड़े को मार डाला।सुबह राजेंद्र सिंह की पत्नी कस्तूरा देवी जब गायों को चारा देने गौशाला पहुंची तो दोनों मवेशियों के शव देख कर बुरी तरह से घबरा गयी ।किसी तरह घर पंहुचकर परिजनों को जानकारी देने के बाद वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई,जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारी 9 बजे मौके पर पहुंचे, तो गुस्साई महिलाओं ने फारेस्टर सहित आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को मौके पर ही रस्सों से बांध दिया,ओर पिंजरा लगाए जाने तक उन्हें न छोडने की जिद्द पर अडे रहे।
✅निकटवर्ती क्षेत्रों में पिछले सप्ताहभर में 10 गौवंश बने निवाला⤵️
उल्लेखनीय है की यह क्षेत्र कुमाऊं और गढ़वाल का सीमांत क्षेत्र है ,जहां गढ़वाल क्षेत्र के भंडारीखोड में बीते शनिवार को कृष्णानंद थपलियाल की तीन गायों को गुलदार ने निवाला बना दिया था ,वही रविवार को ऊजिटिया के मोहन सिंह के पालतू कुत्ते पर दोपहर में हमला कर घायल कर दिया था।इसके बाद सोमवार को रंगचौणा की लीला देवी पत्नी स्वर्गीय रणी राम की गाय को भी गौशाला में निवाला बना डाला ।वहीं क्षेत्र से सटे कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत पसारागांव,पुरानालोहबा व नवाण में भी बीते सप्ताह गुलदार पांच गायों को अपना निवाला बन चुका है।
✅गौभक्षी गुलदार के नरभक्षी बनने की संभावना⤵️
ग्रामीणों का कहना है कि गौवंश पर गुलदार लगातार हमले कर रहा है जिससे अब वो बच्चों ओर वृद्ध लोगों पर भी हमले कर सकता है,लिहाजा वन विभाग को अभिलंब पिंजरा लगाकर हिंसक गुलदार को पड़कर संरक्षित क्षेत्र में भेजना चाहिए।
✅जिला पंचायत सदस्य से वार्ता के बाद ही माने ग्रामीण⤵️
ऊजिटिया में गुलदार के हमले के बाद ग्रामीणों ने दो घंटे तक वनकर्मियों को बंधक बनाए रखा इसके बाद मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट ने बताया कि वह मामले को लेकर अभी डीएफओ से मिलकर ही आ रहे हैं ,आज शाम तक पिंजरा लगा दिया जाएगा, जिसके बाद ही ग्रामीण माने ओर बंधक बनाए वनकर्मियों को मुक्त कर गायों को पोस्टमार्टम के बाद दफनाने की कार्रवाई की गई।सुरेश बिष्ट ने बताया की गुलदार के बढ़ते हमलों की गंभीरता को देखते हुए उसके नरभक्षी होने की संभावना है ,इसको लेकर वे डीएफओ से वार्ता करने जिला मुख्यालय गए हुए थे, जहां कंजरवेटिव से हुई वार्ता के बाद अब क्षेत्र में पिंजरे लगाए जाने की अनुमति दे दी गई है।
✅जनप्रतिनिधियों ने लगाया उपेक्षा का आरोप⤵️
ग्राम प्रधान सिलंगा दीपा देवी व क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र नेगी ने कहा कि जनपद अल्मोड़ा में घटी घटनाओं के दो दिन बाद ही पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ लिया गया है,जबकि हमारे क्षेत्र में अनुमति देने में देरी होना गंभीर उपेक्षा का परिणाम है।
✅भावुक गौपाल बोली गाय वापस दिला दो⤵️
इस दौरान गौपालक कस्तूरा देवी भावुक होकर वनकर्मियों से गुहार लगाती नजर आई।वनकर्मियों द्वारा मुआवजा देने की बात पर उन्होने कहा की वो सालभर से गाय के ब्याहने के इंतजार में थी ताकी नाती पोतों को दुध इत्यादी मिल सके ।मुझे मुआवजा नहीं मेरी गाय लाकर दे दो जिस पर वनकर्मी भी निरूत्तर हो गये।
