डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 68 लाख की ठगी करने वाले राष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश,एक आरोपी गिरफ्तार।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 68 लाख की ठगी करने वाले राष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश,एक आरोपी गिरफ्तार।

देहरादून-02 फरवरी 2026

एसटीएफ व साइबर क्राइम उत्तराखंड ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले राष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर अपराधियों ने स्वयं को पुलिस एवं सीबीआई अधिकारी बताकर 85 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक से करीब 68 लाख रुपये की ठगी की थी।

पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ के निर्देशन एवं पुलिस महानिरीक्षक साइबर/एसटीएफ निलेश आनंद भरणे के निकट पर्यवेक्षण में साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से शिकायतकर्ता से संपर्क कर स्वयं को कथित पुलिस अधिकारी एवं सीबीआई इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बताकर आधार कार्ड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद शिकायतकर्ता को डिजिटल अरेस्ट कर 68 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 66/2025 धारा 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66(डी) आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण से धोखाधड़ी की धनराशि के लाभार्थी खाते का पता चला, जो एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से संबंधित था। पुलिस टीम राजस्थान के बाड़मेर जिले के चौहटन क्षेत्र पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस एवं मुखबिरों के सहयोग से खाताधारक को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से एक मोबाइल फोन सिम कार्ड सहित बरामद किया गया।

इस कार्रवाई में निरीक्षक अनिल कुमार, अपर उपनिरीक्षक सुरेश कुमार एवं अपर उपनिरीक्षक पवन कुमार शामिल रहे।एसटीएफ उत्तराखंड ने आम जनता से अपील की है कि अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। कोई भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती है। यदि साइबर ठगी की आशंका हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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