भीमताल के नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा की मौत पर पुलिस ने दर्ज नहीं किया मुकदमा,नैनीताल हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा क्यों नहीं किया?

भीमताल के नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा की मौत पर पुलिस ने दर्ज नहीं किया मुकदमा,नैनीताल हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा क्यों नहीं किया?

नैनीनात-24 अप्रैल 2026

पिछले साल ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल की बीसीए सेकंड ईयर की छात्रा की कमरे में संदिग्ध मौत मामले की जांच को दायर याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने सरकार से ये बताने को कहा कि परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ? जिसकी वजह से उन्हें लखनऊ में जीरो एफआईआर दर्ज करवानी पड़ी। इस पर 28 अप्रैल तक जांच रिपोर्ट पेश करें।

दरअसल, लखनऊ निवासी छात्रा के पिता ने नैनीताल हाईकोर्ट में मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया है कि उन्होंने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल में अपनी 18 साल की बिटिया का एडमिशन कराया था। वो बीसीए सेकंड ईयर की छात्रा थी. वो कॉलेज के छात्रावास में रहती रहती थी।

कॉलेज का समय समाप्त होने के बाद अक्सर वो घर बात करती रहती थी। उसकी ओर से उन्हें बताया गया कि कुछ सीनियर उसकी रैंगिग कर रहे हैं, जो उसे अच्छा नहीं लगता है. वो इससे परेशान हो चुकी हैं। उसके बाद कॉलेज की तरफ से उन्हें सूचना दी जाती है कि उनकी बेटी का संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। जबकि, कॉलेज की ओर से उसे मूर्छित अवस्था में अस्पताल ले जाया गया,जहां पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित करार दिया। जब उनकी ओर से इसकी शिकायत भवाली थाने में की गई तो थाने ने कॉलेज के दबाव में आकर शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। ऐसे में मजबूरन मौत की निष्पक्ष जांच कराने के लिए उन्हें लखनऊ में जीरो एफआईआर दर्ज करानी पड़ी।

लखनऊ पुलिस ने इस मामले की जांच कराने के लिए शिकायत भवाली पुलिस थाने को भेजी, लेकिन अभी भी भवाली पुलिस उस पर कोई जांच नहीं कर रही है। उनकी ओर से कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि उनकी बेटी की मौत कैसे हुई? इसकी जांच कराई जाए।जबकि, गेट से बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में उसके साथ छेड़छाड़ हुई, वो भी दिख रहा है। जिन्होंने यह काम किया, उनके खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाए। वहीं, मामले में कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि मुकदमा क्यों नहीं हुआ? अब मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।

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