दून मेडिकल कालेज में रैगिंग मामला,नौ छात्र निलंबित,दो पर जुर्माना भी।
देहरादून-20 जनवरी 2026
दून मेडिकल कालेज में पुरुष छात्रावास में रैगिंग के मामले में कालेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एंटी रैगिंग कमेटी ने दो अलग-अलग मामलों में 2023 व 2024 बैच के नौ छात्रों को दोषी पाया है। जिन पर कक्षाओं व हास्टल से निलंबन के साथ ही जुर्माना भी लगाया गया है। प्राचार्या डा. गीता जैन ने स्पष्ट किया है कि कालेज में रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में सामने आया है कि एमबीबीएस 2025 बैच के अबुजर अली और सक्षम आर्यन के साथ रैगिंग की गई। इस मामले में एमबीबीएस 2023 के मोहम्मद साकिब अली और एमबीबीएस 2024 के प्रज्ञांश पंवार को दोषी पाया गया। प्राचार्य के आदेश के अनुसार इन दोनों छात्रों को अकादमिक कक्षाओं से दो माह के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसके अलावा वह हास्टल से पूरी एमबीबीएस और इंटर्नशिप अवधि के लिए निष्कासित रहेंगे।
दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य गीता जैन ने रैगिंग के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारा कॉलेज रैगिंग फ्री और हम सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन फॉलो करते हैं. हम लगातार लेक्चर लेते हैं अपने पूरे कैंपस में रैगिंग मुक्त पोस्टर लगवा रखे हैं आप कहीं भी देख सकते हैं कि कॉलेज प्रशासन की तरफ से रैगिंग को कैसे रोका जाता है इसको लेकर हम कार्य करते रहते हैं। कहा कि जूनियर छात्रों से रैगिंग के दोषी पाए गए एमबीबीएस के नौ सीनियर छात्र कॉलेज और हॉस्टल से निष्कासित कर दो आरोपी छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया व 7 छात्रों को एक महीने के लिए कॉलेज और तीन महीने के लिए हॉस्टल से निष्कासित किया गया है,एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद प्राचार्य ने आदेश जारी कर दिए हैं।
गौरतलब है कि 12 जनवरी की रात एमबीबीएस 2025 बैच के दो जूनियर छात्रों के साथ 2023 और 2024 के सीनियर छात्रों ने रैगिंग की थी।इसके बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच शुरू की, और जांच रिपोर्ट आने के बाद प्राचार्य ने इस प्रकरण में एक्शन लिया है।
