एसटीएफ ने उधम सिंह नगर के गदरपुर से देश विरोधी और कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार।
ऊधमसिंह नगर:- 18 जून 2026
उत्तराखंड एसटीएफ ने उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर देश विरोधी और कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का दावा किया है।एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कथित तौर पर युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि,कुछ समय से आरोपी की गतिविधियों के संबंध में गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं के आधार पर विशेष टीम ने गदरपुर निवासी मोहम्मद सलाउद्दीन पुत्र अब्दुल मलिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि मोबाइल से टेलीग्राम सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे समूहों और चैट्स की जानकारी मिली है, जिनमें कथित रूप से जिहाद, शहादत और राष्ट्रविरोधी विचारधारा से जुड़ी सामग्री साझा की जा रही थी।
जांच में सामने आए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ का कहना है कि,आरोपी विभिन्न ऑनलाइन नेटवर्क के संपर्क में था। शुरुआती जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित कर उन्हें उग्र और कट्टरपंथी सोच की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही थी। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी स्वयं इस नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था या केवल इसके प्रभाव में काम कर रहा था। मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब जांच के दौरान कुछ ऐसे डिजिटल संवाद सामने आए जिनमें हथियारों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण और उनकी आवाजाही को लेकर संदिग्ध बातचीत होने के संकेत मिले। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, इन चैट्स की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बातचीत केवल चर्चा तक सीमित थी या किसी बड़ी साजिश की तैयारी का हिस्सा थी।
एसटीएफ की टीम ने देर रात आरोपी की निशानदेही पर सर्च अभियान भी चलाया। एजेंसी का दावा है कि इस दौरान एक विदेशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, चार डेटोनेटर और AK-47 राइफल के दो कारतूस बरामद किए गए। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी गई है।एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि ये हथियार और विस्फोटक सामग्री आरोपी तक कैसे पहुंची? और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं?
पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने कुछ चैट और संपर्कों को डिलीट कर दिया था। जांच एजेंसियों को उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी एक व्यक्ति से उसके संपर्क होने की जानकारी भी मिली है। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने उत्तर प्रदेश में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी है।अधिकारियों का मानना है कि मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। एसटीएफ के अनुसार, प्रारंभिक जांच और खुफिया सूचनाओं में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी के संपर्क कथित तौर पर ऐसे लोगों से थे, जिनका संबंध भारत के बाहर सक्रिय कट्टरपंथी नेटवर्क से हो सकता है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या पाकिस्तान से जुड़े किसी कथित हैंडलर द्वारा मलेशिया के माध्यम से उसे निर्देश दिए जा रहे थे? हालांकि इस संबंध में अभी जांच जारी है और आधिकारिक तौर पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि कुछ घटनाओं से प्रभावित होकर उसके भीतर कट्टरपंथी सोच विकसित हुई थी, इसी आधार पर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(C) और 66(F) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
