महज 436 की वार्षिक बीमा राशी से पिडित परिवार को मिली 2 लाख की मदद।

महज 436 की वार्षिक बीमा राशी से पिडित परिवार को मिली 2 लाख की मदद।

एसबीआई मेहलचौरी के खाताधारक के परिजनों को मिली मदद राशी।

मेहलचौरी (गैरसैंण)-13 अगस्त 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला.

समझदारी के साथ सही समय पर किया गया एक छोटा सा निवेश भी कठिन दौर में बड़ा मददगार साबित होता है ।भारत सरकार द्वारा चलायी गयी बैंक बीमा योजना का एक ऐसा ही उदाहरण आज भारतीय स्टेट बैंक मेहलचौरी शाखा में देखने को मिला। जहां मात्र 436 रूपये में किए गए वार्षिक बीमा के बदले लाभार्थी परिवार को 2 लाख रूपये की बीमा राशि प्रदान की गई।

विकासखंड गैरसैंण के मैखौली निवासी अनीता देवी का भारतीय स्टेट बैंक मेहलचौरी में बचत खाता खुला हुआ था,जिस पर उन्होंने 436 की वार्षिक किस्त पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (𝘗𝘔𝘑𝘑𝘉𝘠) ली हुई थी ।इस बीच गंभीर बीमारी के चलते अनीता देवी पत्नी वीरेंद्र सिंह का विगत जून माह में लंबे उपचार के बाद निधन हो गया।जिसके बाद महज 2 माह से भी कम समय में बैंक द्वारा उन्हें बीमा के नियमानुसार 2 लाख धनराशि का चेक प्रदान किया गया।

दैनिक मजदूरी करने वाले वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित छोटी सी धनराशि से ली गयी बीमा योजना ने बड़ी मदद दी है। पत्नी लंबे समय तक बीमार रही,उनके उपचार पर ही सारी जमा पूंजी खर्च होने के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। बीमा से मिली मदद से सहारा मिला है ,जिससे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बेहतर ढंग से करवाऊँगा।

विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए मेहलचौरी बैंक के प्रभारी प्रबंधक अनिल गिरी ने बताया कि बचत खाते पर 436 वार्षिक किस्त पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना पर साधारण स्थिति में हुई मृत्यु पर 2 लाख का बीमा राशि दी जाती है। जबकि 20 रूपये वार्षिक की अत्यंत छोटी किस्त पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना(𝘗𝘔𝘚𝘉𝘠) के तहत दुर्घटना में मौत होने पर 2 लाख ,जबकि पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में एक लाख की धनराशि प्रदान की जाती है । पिछले तीन सालों में ही 8 खाताधारकों के परिजनों को इन योजनाओं का लाभ दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बैंक में खुलने वाले खाते पर या पहले से संचालित बचत खाते पर यह सुविधा दी जा रही है। वहीं अधिकतम देय ब्याज वाली अटल पेंशन योजना ,सुकन्या समृद्धि योजना भी ग्राहकों के लिए बेहद फायदेमंद है।

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