तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित होंगी 13 उत्कृष्ट महिलाएं,35आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किया जायेगा सम्मानित।
देहरादून:-07 अगस्त 2026
उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर इस वर्ष प्रदेश की 13 उत्कृष्ट महिलाओं को प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
महिला सशक्तीकरण,शिक्षा,खेल,समाज सेवा, लोक संस्कृति,पर्यावरण समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली इन महिलाओं को 8 अगस्त को हरिद्वार बाईपास स्थित संस्कृति विभाग के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मानित करेंगे। इसी अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2006 से वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर महिलाओं और किशोरियों के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू की थी। इसका उद्देश्य समाज में प्रेरणादायक कार्य करने वाली महिलाओं को पहचान देना और नई पीढ़ी की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। आज तीलू रौतेली पुरस्कार राज्य के सबसे प्रतिष्ठित महिला सम्मानों में गिना जाता है।हिंदू धर्म
217 आवेदनों में से चुनी गईं 13 प्रेरणादायक महिलाएं
इस वर्ष पुरस्कार के लिए प्रदेशभर से 217 आवेदन प्राप्त हुए। सबसे अधिक नैनीताल से 29 , उत्तरकाशी से 24, देहरादून से 23 और हरिद्वार से 22 आवेदन मिले। इसके अलावा अल्मोड़ा से 21, पिथौरागढ़ और टिहरी से 13-13, चमोली और चंपावत से 12-12, रुद्रप्रयाग और ऊधम सिंह नगर से 11-11, जबकि बागेश्वर और पौड़ी से 8-8 आवेदन प्राप्त हुए।सभी आवेदनों का गहन मूल्यांकन करने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 13 महिलाओं का चयन किया गया है।
35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी मिलेगा सम्मान
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए 220 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह सम्मान जमीनी स्तर पर महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए कार्य कर रही कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएगा और बेहतर सेवाओं के लिए प्रेरित करेगा।
गढ़वाल की वीरांगना तीलू रौतेली उत्तराखंड की शौर्य गाथा का अमर नाम हैं। कम उम्र में ही पिता और भाइयों की शहादत के बाद उन्होंने साहस के साथ मोर्चा संभाला और दुश्मनों के खिलाफ कई युद्धों में अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। उनके अदम्य साहस, नेतृत्व और पराक्रम के कारण उन्हें उत्तराखंड में नारी शक्ति और वीरता का प्रतीक माना जाता है।
इन्हीं प्रेरणादायक आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार हर वर्ष उनकी जयंती पर समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित करती है। यह सम्मान केवल उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि प्रदेश की हर बेटी को आगे बढ़ने, नेतृत्व करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश भी देता है।
इन 13 महिलाओं को मिलेगा वर्ष 2026 का तीलू रौतेली पुरस्कार
उत्तरकाशी की श्वेता बधानी को सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान।
अल्मोड़ा की पुष्पा फर्त्याल को संस्कृति एवं कला।
बागेश्वर की दया दानू को समाज सेवा।
चमोली की नंदा सती को संगीत।
चंपावत की रितिका बगोली को पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा।
देहरादून की नीतू रानी को शिक्षा एवं बहादुरी।
हरिद्वार की वैशाली शर्मा को समाज सेवा।
नैनीताल की लतिका को खेल।
पौड़ी गढ़वाल की प्रियंका थपलियाल को खेल समाज सेवा एवं महिला सशक्तीकरण।
पिथौरागढ़ की कलावती देवी को सामाजिक कार्य।
रुद्रप्रयाग की दुर्गा देवी को समाज सेवा।
टिहरी गढ़वाल की सरिता कोठियाल को सामाजिक क्षेत्र।
ऊधमसिंह नगर की पुष्पा देवी को दिव्यांग खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
