देवभूमि उत्तराखंड की ठंडी फिजाओं में सियासत की तपिश,अंकिता भंडारी हत्याकांड ने एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में ला दिया भूचाल।

देवभूमि उत्तराखंड की ठंडी फिजाओं में सियासत की तपिश,अंकिता भंडारी हत्याकांड ने एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में ला दिया भूचाल।

देहरादून-26 दिसंबर 2025

अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल बन गया है। वीआईपी के नाम के कथित खुलासे,सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो, सियासी आरोप-प्रत्यारोप और अब कानूनी कार्रवाई।मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। SIT की जांच से लेकर CBI मांग तक, और अब FIR.

देवभूमि उत्तराखंड की ठंडी फिजाओं में सियासत की तपिश अचानक तेज हो गई है। ये तपिश देहरादून से निकलकर दिल्ली तक महसूस की जा रही है। वजह- अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा एक सनसनीखेज दावा।

भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर दावा किया कि अंकिता भंडारी पर जिस वीआईपी के लिए दबाव बनाया जा रहा था, वह बीजेपी का एक बड़ा नेता था। उर्मिला ने लाइव वीडियो में उस वीआईपी का नाम लेने और रिसॉर्ट ध्वस्तीकरण को लेकर भी महिला नेता पर गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों के सामने आते ही उत्तराखंड की राजनीति में हड़कंप मच गया। हालांकि जिन नेताओं पर आरोप लगाए गए,उनकी ओर से अब तक कोई सीधा बयान सामने नहीं आया है। लेकिन उर्मिला के आरोपों के घेरे में आईं आरती गौड़ जरूर सामने आईं.आरती गौड़ ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि रिसॉर्ट उन्होंने नहीं,बल्कि बीजेपी की स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने तुड़वाया था.आरती गौड़ यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं।

इस पूरे मामले को कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक हथियार बना लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे बीजेपी और SIT की जांच पर सवाल खड़े किए। वहीं देहरादून में महिला कांग्रेस ने बीजेपी नेता का पुतला दहन कर दोबारा CBI जांच की मांग तेज कर दी है।

वहीं बीजेपी ने पूरे विवाद को निजी मामला बताते हुए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि किसी की छवि बनाने में सालों लगते हैं, जबकि आरोप लगाना आसान होता है। बीजेपी ने इसे पारिवारिक विवाद से उपजा मामला बताया है।

इसी बीच इस पूरे विवाद में अब बड़ी कानूनी कार्रवाई भी सामने आई है।अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो और वीडियो मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। देहरादून और हरिद्वार में दर्ज इन FIR में आरोप है कि वायरल ऑडियो-वीडियो के जरिए बीजेपी नेता और अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष दुष्यंत कुमार गौतम की छवि खराब करने की कोशिश की गई.शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ की तहरीर पर यह मुकदमे दर्ज हुए हैं। शिकायत में रविदासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और वैमनस्य फैलाने का भी आरोप लगाया गया है। हरिद्वार के बहादराबाद थाने में दर्ज FIR को लेकर एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने पुष्टि की है कि पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और वायरल कंटेंट की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है।

क्या था अंकिता भंडारी हत्याकांड⤵️

दरअसल,ये मामला साल 2022 का है. जब पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता भंडारी जिले के ही यमकेश्वर ब्लॉक में स्थित रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी, उस रिजॉर्ट का मालिक पुलकित आर्या है। पुलकित आर्या के पिता बीजेपी सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। पुलकित आर्या के भाई को भी बीजेपी सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा मिला था, हालांकि अंकिता भंडारी हत्या के बाद बीजेपी ने बाप-बेटे को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

पौड़ी जिले के श्रीकोट डोभ निवासी अंकिता भंडारी यमकेश्वर स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थी, जो अचानक से रिजॉर्ट से 18 सितंबर 2022 को लापता हो गई थी। इसके बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, ताकि, अंकिता के परिजनों को गुमराह कर सके। वहीं, इसी बीच 24 सितंबर को अंकिता भंडारी का शव चीला नहर से बरामद हुआ था। आरोप था कि वनंत्रा रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर के साथ मिलकर अंकिता भंडारी को चीला नहर में धकेल दिया था,जिससे अंकिता भंडारी की जान चली गई। इसके अलावा पुलकित आर्य पर आरोप ये भी है कि वो रिजॉर्ट में अंकिता से गलत काम करवाना चाहता था,जिस पर अंकिता ने मना कर दिया था। ऐसे में अंकिता का मना करना ही उसकी मौत की वजह माना जा रहा है। इस मामले में कोटद्वार एडीजे कोर्ट तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा भी सुनाई थी।

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