बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम सहित बीकेटीसी के अधीनस्थ मंदिरों में गैर-हिंदुओं की नो इंट्री:-हेमंत द्विवेदी.

बदरीनाथ-केदारनाथ धाम सहित बीकेटीसी के अधीनस्थ मंदिरों में गैर-हिंदुओं की नो इंट्री:-हेमंत द्विवेदी.

देहरादून- 26 जनवरी 2026

बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम समेत बदरी-केदार मंदिर समिति के अधीनस्थ आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसके लिए मंदिर समिति की आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। यह बात बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता व बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा सर्वोपरि है। कहा कि केदारखंड से लेकर मानसखंड तक स्थापित मंदिर श्रृंखला में परंपरागत रूप से गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है,लेकिन गैर बीजेपी सरकारों के समय परंपराओं का उल्लंघन होता रहा है. ऐसे में परंपराओं का विधिवत अनुपालन सुनिश्चित हो सके, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। केदारखंड से लेकर मानसखंड तक स्थापित मंदिरों में परंपरागत रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहा है, किंतु पूर्व की गैर-भाजपा सरकारों के कार्यकाल में इन परंपराओं का उल्लंघन हुआ। अब मंदिरों की मर्यादा और परंपराओं का विधिसम्मत पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में अवैध मजारों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम उत्तराखंड की धार्मिक अस्मिता,सांस्कृतिक विरासत और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि यूसीसी का लागू होना,कठोर नकल कानून, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ की अवधारणा तथा अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की संस्तुति जैसे फैसलों से प्रदेश की जनता का सरकार के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।बीकेटीसी अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और मंदिर समिति के आपसी समन्वय से देवभूमि की पवित्रता, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों की रक्षा और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।इसके लिए मंदिर समिति आने वाले समय में ठोस और प्रभावी कदम उठाने जा रही है।

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