परिजनों से धमकियां मिलने पर प्रेमी जोड़े ने हाईकोर्ट की ली शरण,कोर्ट ने पुलिस को सुरक्षा मुहैया कराने के दिए आदेश।

परिजनों से धमकियां मिलने पर प्रेमी जोड़े ने हाईकोर्ट की ली शरण,कोर्ट ने पुलिस को सुरक्षा मुहैया कराने के दिए आदेश।

नैनीताल-26 जनवरी 2026

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्रेम संबंधों के अधिकार को सर्वोपरि मानते हुए एक प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र के एक मामले की सुनवाई की, जिसमें कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दो वयस्क अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं तो उन्हें किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या डर के साये में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

दरअसल,हरिद्वार जिले की युवती और युवक ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है।जिसमें उन्होंने बताया है कि वे दोनों एक ही धर्म के हैं और आपसी सहमति से प्रेम संबंध में हैं। वे जल्द ही विवाह करना चाहते हैं, लेकिन लड़की के परिवार वाले इस रिश्ते के सख्त खिलाफ हैं।याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि उनके परिजनों की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं उनके जीवन व स्वतंत्रता में अवैध हस्तक्षेप किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुए।

कोर्ट ने उनकी पहचान की पुष्टि करने और उनसे बातचीत करने के बाद पाया कि दोनों बालिग हैं। जो बिना किसी दबाव या जबरदस्ती के अपनी स्वेच्छा से साथ रहने का निर्णय ले चुके हैं। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘लता सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ मामले का हवाला देते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में याचिकाकर्ताओं को उनके जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा पाने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। वहीं, कोर्ट ने हरिद्वार जिले के पथरी थानाध्यक्ष को आदेश दिया है कि वे तत्काल याचिकाकर्ताओं को आवश्यकतानुसार उचित सुरक्षा मुहैया कराएं।साथ ही पुलिस को आदेश दिया गया है कि विरोध कर रहे परिजनों को थाने बुलाकर कानून के दायरे में रहने की सख्त हिदायत दी जाए ताकि, वे जोड़े के जीवन में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न कर सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!