मसूरी में भू-माफियाओं का कहर: अवैध खनन से धंसा NH-707A, चारधाम मार्ग 25 दिन के लिए बंद।
मसूरी (देहरादून)-13 फरवरी 2026
पहाड़ों की रानी मसूरी में भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों ने इस बार सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग को ही निशाना बना दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस जाने से मसूरी-कैंपटी-उत्तरकाशी और चारधाम को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। प्रारंभिक जांच में वाल्मीकि मंदिर के पास बड़े पैमाने पर अवैध खनन की आशंका जताई गई है, जिससे सड़क की नींव कमजोर हो गई।
जेसीबी से कटता रहा पहाड़, किसी को भनक नहीं⤵️
बताया जा रहा है कि जेसीबी मशीनों से सड़क के नीचे तक खुदाई की गई। गुरुवार शाम सड़क का हिस्सा धंस गया, जिससे मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी खुदाई लंबे समय तक चलती रही और किसी विभाग को जानकारी तक नहीं हुई—क्या यह लापरवाही है या मिलीभगत?
चारधाम यात्रा और एलबीएस अकादमी पर असर⤵️
यह मार्ग चारधाम यात्रा, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी और कैंपटी फॉल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क बंद होने से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छोटे वाहनों के लिए: मोतीलाल नेहरू मार्ग
बड़े वाहनों के लिए: हाथीपांव रोड
अधिकारियों के अनुसार मरम्मत में 20–25 दिन लग सकते हैं।
बिना अनुमति खनन, एमडीडीए पर भी सवाल⤵️
खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी प्रकार की अनुमति जारी नहीं की गई थी.जानकारी के अनुसार यहां आवासीय नक्शा पास हुआ था, लेकिन जिस स्तर पर पहाड़ काटा गया, उससे बड़े व्यावसायिक निर्माण की आशंका भी जताई जा रही है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
प्रशासन सख्त, जांच के आदेश⤵️
नायब तहसीलदार उपेंद्र सिंह राणा ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की है। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने इसे “राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान” बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम राहुल आनंद ने स्पष्ट किया कि नियमों के विरुद्ध कार्य पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
पर्यटन और कारोबार पर असर⤵️
चारधाम यात्रा से पहले मार्ग बंद होने से पर्यटन कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सीजन पहले ही कमजोर था,अब हालात और बिगड़ सकते हैं।
बड़ा सवाल:⤵️
क्या इस बार भू-माफियाओं पर वास्तव में सख्त कार्रवाई होगी, या मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा? मसूरी की संवेदनशील पहाड़ियों में यह घटना प्रशासन और पर्यावरण सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो इसका खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है।
