देहरादून में दफ्तर के भीतर अधिकारी पर हमला,शिक्षा निदेशक घायल।
देहरादून-21 फरवरी 2026
देहरादून के ननुरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यालय परिसर में घुसकर निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया। घटना में निदेशक के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें तुरंत कोरोनेशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और उपचार जारी है।
राजधानी देहरादून स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर निदेशक के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे। इस पूरे घटनाक्रम के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें निदेशक के कक्ष में तीखी बहस, धक्का-मुक्की और कुर्सियां फेंके जाने जैसी तस्वीरें दिखाई दे रही हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी गरमा गया है। घटना की जड़ एक सरकारी स्कूल का नाम बदलने को लेकर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे. उनका कहना था कि संबंधित विद्यालय का नाम बदला जाए। इस संबंध में उन्होंने निदेशक से बात की। हालांकि निदेशक ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी सरकारी स्कूल का नाम परिवर्तन शासन स्तर पर तय होता है और यह निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया।आरोप है कि विधायक और उनके साथ पहुंचे कुछ कार्यकर्ताओं ने निदेशक पर दबाव बनाने की कोशिश की. बहस इतनी बढ़ गई कि मामला धक्का-मुक्की और कथित मारपीट तक पहुंच गया. सामने आए वीडियो में कई लोग निदेशक के कक्ष में मौजूद दिखाई दे रहे हैं और हंगामे के दौरान कुर्सी फेंके जाने जैसी घटनाएं भी कैद हुई हैं।
भाजपा विधायक के समर्थकों पर आरोप⤵️
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ निदेशालय पहुंचे थे। किसी प्रशासनिक मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ा और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान निदेशक पर हमला हुआ।
घटना के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की शिकायत थी तो उसका समाधान वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जा सकता था, लेकिन सरकारी कार्यालय में घुसकर मारपीट करना गंभीर अपराध है। कर्मचारियों ने दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि उचित कार्रवाई न होने पर वे हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे। ये शर्मनाक और कानून को चुनौती देने वाली स्थिति है। कि राजधानी के एक महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान में इस प्रकार की घटना ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है। घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है।देहरादून में हुई इस घटना ने शिक्षा विभाग, राजनीति और प्रशासन के बीच समन्वय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और क्या शिक्षकों का गुस्सा शांत हो पाता है या नहीं।
