चमोली जनपद के हुडंग गांव की महिला डंडी-कंडी के सहारे पहुंची अस्पताल,पेड़ से फिसल कर बुरी तरह जख्मी हुई गुड्डी देवी।
गोपेश्वर (चमोली)-03 अप्रैल 2026
रिपोर्ट-रजपाल बिष्ट.
आज़ादी के 78 वर्ष बाद भी जनपद चमोली के दशोली विकासखंड का दूरस्थ गांव मौली हडूंगा आज तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ सका है। सरकारी विकास के दावों के बीच इस गांव की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है, जहां आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।ताजा मामला गांव की निवासी गुड्डी देवी (पत्नी वीरेंद्र सिंह) से जुड़ा है, जो पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। सड़क मार्ग के अभाव में उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।ऐसे में गांव के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए घायल महिला को पालकी में बैठाकर करीब 10 किलोमीटर लंबे दुर्गम और खतरनाक पहाड़ी रास्ते से पैदल अस्पताल तक पहुंचाया। कठिन रास्तों और जोखिम भरे सफर के बीच किसी तरह उन्हें उपचार के लिए पहुंचाया जा सका।
दशोली ब्लाॅक की निजमुला घाटी के मौली हुडंग गांव की महिला पेड़ से गिरने के कारण चोटिल हो गई। सड़क के अभाव में महिला डंडी-कंडी के सहारे अस्पताल पहुंची।मिली जानकारी के अनुसार हुडंग गांव की गुड्डी देवी रोजाना की तरह चारापत्ति लेने जंगल गई थी। इस दौरान पेड़ से फिसल कर वह चोटिल हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जख्मी महिला को डंडी-कंडी के सहारे सड़क तक लाया गया। इसके बाद उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भर्ती कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा है।
बताते चलें कि मोली हुडंग गांव अभी भी सड़क मार्ग से काफी दूर है। आए दिन बीमार और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए डंडी-कंडी के सहारे ही अस्पताल लाना पड़ता है। हालांकि ग्रामीण लगातार गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने की मांग कर रहे हैं किंतु अभी तक भी हालात जस के तस बने हुए हैं। लोगों को जरूरत की चींजो के लिए भी बाजार आने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ता है। प्रधान भगत फरस्वाण का कहना है कि गांव में सड़क समेत बुनियादी सुविधाओं को टोटा बना हुआ है। इसके बावजूद कोई भी सुध लेवा नहीं है। मौजूदा दौर में भी ग्रामीणों को आठ किमी का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। उन्होंने आम लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए सड़क मार्ग निर्माण की मांग की है।
यह घटना न सिर्फ सिस्टम की विफलता को उजागर करती है, बल्कि विकास के दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे कई बार जान का खतरा तक बन जाता है।वहीं ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मौली हडूंगा गांव को सड़क मार्ग से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की गंभीर परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
