उत्तराखंड में झमाझम बारिश का दौर, 3 अगस्त तक नहीं मिलेगी राहत।

उत्तराखंड में झमाझम बारिश का दौर, 3 अगस्त तक नहीं मिलेगी राहत।

देहरादून:-28 जुलाई 2026
रिपोर्ट- डा.जयदेव पंवार

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 3 अगस्त तक राज्यभर में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी करते हुए कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, अत्यंत तीव्र वर्षा, आकाशीय बिजली और गर्जन की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

29 जुलाई: सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी,देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और टिहरी जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में गर्जन, आकाशीय बिजली और अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर पड़ सकते हैं। राज्य के अन्य जिलों में भी भारी बारिश और तेज गर्जना के साथ बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

30 जुलाई: कई जिलों में भारी बारिश जारी रहेगी।

30 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर, चम्पावत और नैनीताल जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज गर्जना, बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर जारी रह सकते हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी।

31 जुलाई: नैनीताल समेत चार जिलों पर विशेष नजर।

31 जुलाई को पौड़ी, देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने की संभावना है, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी गर्जन और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

1 अगस्त: सीमावर्ती जिलों में भी भारी बारिश

1 अगस्त को पिथौरागढ़ और चम्पावत जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। पर्वतीय जिलों में गर्जन, आकाशीय बिजली और तीव्र वर्षा का दौर जारी रह सकता है, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी। दो और तीन अगस्त को भी मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश भर के कई हिस्सों में बारिश के आसार जताए गए हैं।

प्रशासन और लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने चेताया है कि लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, चट्टान गिरने, नदी-नालों के उफान, जलभराव और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और मौसम विभाग व जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।

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