रुद्रपुर NCERT फर्जी किताब मामले में पुलिस को मिली सफलता, मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा,अन्य आरोपियों की तलाश जारी।
रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)- 04 अप्रैल 2026
ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में बीते दिनों पुलिस ने NCERT की फर्जी किताबों के मामले का खुलासा किया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन मुख्य आरोपी नफीस पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था. हालांकि अब पुलिस ने मुख्य आरोपी नफीस को भी अरेस्ट कर दिया है।
पूरे मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बीती 17 मार्च को NCERT की फर्जी किताबों के मामले का भंडाफोड़ हुआ था। दरअसल, इस मामले को लेकर NCERT नई दिल्ली में तैनात सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार ने कोतवाली रुद्रपुर में लिखित शिकायत दी थी.
नफीस खान चला रहा था पूरा गिरोह⤵️
पुलिस ने बताया कि दीपक कुमार की शिकायत पर कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई. जांच के दौरान नफीस खान उर्फ राजू का नाम सामने आया, जो मेरठ का निवासी है और इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया जा रहा है।
कई राज्यों में फैला है नेटवर्क⤵️
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर कई राज्यों में फैला हुआ एक संगठित नेटवर्क चला रहा था। गिरोह का काम बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित होता था. आरोपी विभिन्न राज्यों में गोदाम किराये पर लेकर नकली NCERT पुस्तकों का भंडारण करता था।
जानिए कैसे किया जाता है नकली किताबों का पूरा खेल⤵️
बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र से बरामद नकली पुस्तकों को रुद्रपुर के कीरतपुर स्थित गोदाम में रखा जाता था. इसके बाद इन पुस्तकों के कवर छपवाने के लिए सामग्री मथुरा की प्रिंटिंग प्रेस भेजी जाती थी। प्रिंटिंग के बाद तैयार नकली पुस्तकों को राजस्थान के भरतपुर स्थित गोदामों में पहुंचाया जाता था, जहां से इन्हें अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाता था।परिवहन के लिए आरोपी वाहन मालिकों से संपर्क करता था और गोदामों का किराया भी स्वयं वहन करता था, जिससे पूरे नेटवर्क को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके। पुलिस ने मुख्य आरोपी नफीस खान को 3 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी का आपराधिक इतिहास⤵️
पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की बात करें तो उसके खिलाफ पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2020 में मेरठ के परतापुर थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी सहित कॉपीराइट अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था. इसके अलावा वर्ष 2023 में बरेली के भोजीपुरा थाने में भी इसी प्रकार के अपराध में वह जेल जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
