गांव से लेकर जंगल तक तलाश,फिर भी नहीं मिला 4 साल का ‘पंकू’,पुलिस-एसडीआरएफ और ग्रामीणों की खोजबीन जारी।
रुद्रप्रयाग-07 अप्रैल 2026
दूरस्थ बाड़ब गांव में इन दिनों गहरा सन्नाटा और चिंता का माहौल पसरा हुआ है। जहां गांव का 4 साल का मासूम मयंक उर्फ ‘पंकू’ पिछले चार दिनों से लापता चल रहा है। मासूम के रहस्यमयी परिस्थितियों में अचानक गायब हो जाने से जहां परिवार गहरे सदमे में है, तो वहीं पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, बीते शनिवार यानी 4 अप्रैल को मयंक अपनी मां के पीछे-पीछे जंगल की ओर गया था। इसी दौरान वो अचानक नजरों से ओझल हो गया। परिजनों को पहले लगा कि बच्चा आसपास ही खेल रहा होगा,लेकिन काफी देर तक कोई जानकारी न मिलने पर उनकी चिंता बढ़ गई। देखते ही देखते ग्रामीणों ने एकजुट होकर खेतों,पगडंडियों और जंगल के हर हिस्से में बच्चे की तलाश शुरू कर दी. सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीआरएफ और डॉग स्क्वायड की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। बीते चार दिनों से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक मासूम का कोई सुराग नहीं लग पाया है। समय बीतने के साथ परिवार की चिंता और बेबसी बढ़ती जा रही है। मयंक के मां का रो-रोकर बुरा हाल है. जबकि, पिता हर आने-जाने वाले से अपने बच्चे के बारे में जानकारी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कहीं बच्चे को कोई जंगली जानवर तो नहीं उठा ले गया, या फिर यह मामला अपहरण से जुड़ा हो सकता है।
फिलहाल, किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं हो पाई है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने इस तरह की घटना पहले कभी नहीं देखी। पूरे गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल है। हर किसी की निगाहें रास्तों पर टिकी हैं, इस उम्मीद के साथ कि शायद मयंक सकुशल वापस लौट आए।
ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार दिनों बाद भी बच्चे का कोई पता नहीं चल पाना चिंता का विषय है।उन्होंने खोजबीन में तेजी लाने की मांग की है।मासूम मयंक की तलाश अब केवल एक खोज अभियान नहीं रह गई है, बल्कि पूरे क्षेत्र की संवेदनाओं और उम्मीदों की कसौटी बन चुकी है। वहीं,आपदा प्रबंधन की टीम, पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि, बच्चे का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
