उत्तराखंड के हरिद्वार जिला निवासी एक युवक का कनेक्शन पाकिस्तानी गैंगस्टर से निकला,हरिद्वार से गिरफ्तार,यूपी STF का एक्शन।
सहारनपुर/हरिद्वार- 28 मई 2026
पाकिस्तानी गैंगस्टर से नेटवर्क के आरोप में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने सहारनपुर जिले से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक उत्तराखंड के हरिद्वार जिले का रहने वाला है. आरोप है कि पकड़े गए चारों लोग बीते 6 महीने से पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे, जिनका दायर अब यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड तक बढ़ता जा रहा था।
एसपी देहात, हरिद्वार शेखर चंद सुयाल ने बताया कि,यूपी एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार,हरिद्वार के ढंडेरा गांव निवासी मुशर्रफ को गिरफ्तार किया गया है। मुशर्रफ मसूरी के पास वेल्डिंग का काम करता था. हरिद्वार एसपी देहात ने इसकी पुष्टि की है।यूपी एसटीएस की टीम ने मुशर्रफ को गिरफ्तार किया था. स्थानीय पुलिस भी मामले की जांच कर रही है. जांच में जो कोई भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इसके अलावा तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सबसे पहले यूपी एसटीएफ के हाथ सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र के ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब और शाहरुख आए. दोनों आरोपी मजदूरी का काम करते हैं और काम के लिए दूसरे राज्यों में जाते रहते थे। महकाब हरियाणा और पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था. वहीं, शाहरुख उत्तराखंड के कई शहरों और गांवों में वेल्डिंग का काम करता था. दोनों को ही बाहरी राज्यों और शहरों की अच्छी जानकारी हो गई थी।
इन तीनों के अलावा एक और आरोपी गगनदीप उर्फ गुरी को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. ये शख्स मुजफ्फरनगर के शाहपुर रामराज क्षेत्र का रहने वाला है. पेशे से ट्रक ड्राइवर होने के कारण गगनदीप कई राज्यों में लगातार आना-जाना करता था. जांच एजेंसियों इस आधार पर जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क और आवाजाही का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
उत्तरप्रदेश एसटीएफ के अधिकारी अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के संपर्क में थे। सभी आरोपी सोशल मीडिया इंस्टाग्राम और मैसेजिंग ऐप वाट्सएप से पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट से जुड़े थे। भट्टी और आबिद ने सोशल मीडिया के जरिए ही चारों आरोपियों को प्रभावित किया था।
जब चारों पूरी तरह से पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के जाल में फंस गए तो उनसे अलग-अलग राज्यों में गतिविधियां संचालित कराई जाने लगीं,फिलहाल, पुलिस अब आरोपियों के सभी रिकॉर्ड खंगलाने के साथ ही उनके संपर्कों,फंडिंग और गतिविधियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह लोग और किन लोगों के संपर्क थे और यह नेटवर्क किस स्तर का है।
