नदी में गिरने से युवा दंत चिकित्सक की मौत,परिजनों में मचा कोहराम,बीच रास्ते में एम्बुलेंस भी हुई खराब।

नदी में गिरने से युवा दंत चिकित्सक की मौत,परिजनों में मचा कोहराम,बीच रास्ते में एम्बुलेंस भी हुई खराब।

चंपावत:- 03 जून 2026

उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक दिल दहला देने वाले घटना की खबर सामने आ रही है ,जहां पर युवा दंत चिकित्सक की नदी में गिरने से जिंदगी चली गई। घटना के बाद से मृतक के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों ने इस घटना का जिम्मेदार नगर पालिका की घोर लापरवाही को ठहराया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के निवासी 40 वर्षीय डॉक्टर लोकेश जोशी वर्तमान में चंपावत जिले के निवासी थे। डॉ लोकेश जोशी लोहाघाट के बाड़ीगाड़ इलाके में एक किराए के मकान में अपनी पत्नी डॉली और 9 वर्षीय इकलौती पुत्री के साथ रह रहे थे। लोकेश पिछले 6 सालों से चंपावत जिले के लोहाघाट स्थित प्रसिद्ध मायावती अस्पताल में दंत चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

बीते दिन डॉ लोकेश अपनी स्कूटी से लोहाघाट स्थित किराए के मकान पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी स्कूटी को सड़क किनारे खड़ा किया और पैदल ही कमरे की ओर निकल पड़े। जिस रास्ते से डॉक्टर लोकेश घर के लिए जा रहे थे वहां ना तो स्ट्रीट लाइट लगी थी और ना ही बाड़ीगाड़ नदी के किनारे कोई सुरक्षा रेलिंग लगी थी। अंधेरा होने के कारण लोकेश का संतुलन बिगड़ा और वह सीधा सड़क से 14 फीट नीचे बह रही नदी में समा गए। काफी वक्त गुजर जाने के बाद जब लोकेश कमरे में नहीं पहुंचे तो उनके पत्नी उन्हें ढूंढने के लिए बाहर निकली। इतने में लोकेश की पत्नी की नजर नदी क्षेत्र की तरफ पड़ी तो उन्हें लोकेश वहां गंभीर अवस्था में पड़े दिखे। पति को घायल अवस्था में पड़ा देख पत्नी की चीख पुकार मच गई। महिला की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर घटनास्थल पहुंचे जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद लोकेश को नदी से बाहर निकाला लेकिन तब काफी देर हो चुकी थी।

बीच रास्ते में एम्बुलेंस भी हुई खराब

लोगों द्वारा घायल डॉक्टर को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 और 112 को कॉल किया गया। मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस डॉक्टर को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुई लेकिन मात्र 100 मी दूरी पर चलते ही एंबुलेंस भी बीच रास्ते में दगा दे दिया। हैरानी की बात तो यह है कि एंबुलेंस में स्ट्रेचर और ऑक्सीजन सिलेंडर तक मौजूद नहीं था। इसके बाद स्थानीय लोग डॉक्टर को चद्दर में बांधकर किसी तरह लोहाघाट अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

नगर पालिका पर लगे गंभीर आरोप

डॉक्टर लोकेश की मौत के बाद से लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है ,उन्होंने इस घटना का जिम्मेदार नगर पालिका को ठहराया है। उनका कहना है कि लंबे समय से सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग और स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगाई गई है जिसके कारण आज एक काबिल डॉक्टर की जिंदगी चली गई।

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