ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में बडी मात्रा में जमीनों की बिक्री का मामला,15 दिनों में बिक गयी 50 नाली भूमि।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में बडी मात्रा में जमीनों की बिक्री का मामला,15 दिनों में बिक गयी 50 नाली भूमि।

कृषी आधारित आर्थिकी बढाने को सरकार चला रही योजनाएं,ग्रामीण ज़मीने बेचकर सरकार की मंशा पर लगा रहे पलीता।

ग्राम प्रधान बोली जमीन बेचने पर रोक को मुख्यमंत्री से करेंगी बात,पूर्व में हरीश रावत सरकार ने लगाई थी भूमि बिक्री पर रोक।

विधायक बोले मुख्यमंत्री सहित ग्रामीणों से करेंगे बात।

भराड़ीसैंण (गैरसैंण):- 06 जून 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला.

एक तरफ सरकार जहां ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) के मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट को विकसित किए जाने को लेकर करोड़ों रुपए की योजनाओं को धरातल पर उतार रही है,वहीं दूसरी तरफ कुछ ग्रामीण विकासीय कार्यों पर भरोसा करने के इतर बड़ी मात्रा में अपनी पुस्तैनी जमीनों को बेचने में ही अपनी भलाई समझ रहे हैं।

शनिवार को एक तरफ जिला अधिकारी चमोली गौरव कुमार सारकोट गांव के विकासीय कार्यों को त्वरित गति से आगे बढ़ाने के लिए समीक्षा बैठक कर रहे थे ,तो दूसरी तरफ गैरसैंण नगर में आमजन सडकों पर सारकोट के लोगों द्वारा ज़मीने बेचे जाने की चिंता में घुले हुए थे।

ताजा मामले के अनुसार बिगत मई माह के दूसरे पखवाड़े में ही सारकोट गांव के चार परिवारों द्वारा ही लगभग 50 नाली भूमि बेची गई है। जबकि सूत्रों के हवाले से मिल रही खबरों के अनुसार अभी ओर भी जमीन की खरीद फरोख्त की तैयारी चल रही है,जिसको लेकर भूमि खरीरदार पिछले एक माह से गैरसैंण में ही जमे हुए हैं। हैरत की बात तो ये है की मामले में गैरसैंण तहसील से जुड़े राजस्व निरीक्षक भी जमीन बेचे जाने की सही जानकारी देने से कतरा रहे हैं।

प्रधान बोली मुख्यमंत्री से करेंगी रोक की मांग⤵️

मामले को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा प्रोत्साहित युवा ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी कहती हैं,की कुछ ग्रामीणों द्वारा बडी मात्रा में जमीने बेचे जाने की जानकारी मिली है,जो ग्रामीण क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है। बताया कि मामले में जब कुछ भूमि विक्रेताओं से बातचीत की गयी तो जमीन खरीरदार द्वारा जमीन के उपयोग ओर उससे ग्रामीणों को मिलने वाले लाभ की जानकारी नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा की हम लोग जमीनें ही बेच देंगे तो ये योजनाएं किस काम की रह जाएंगी। उन्होंने कहा कि मामले में जल्द ही ग्राम पंचायत की बैठक बुलाकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा जिसमें पूर्व की भांति ग्रीष्मकालीन राजधानी परिक्षेत्र से जुड़े गांवों में भूमि की बिक्री को पूर्णतया प्रतिबंधित किए जाने की मांग की जाएगी।

भराड़ीसैण परिक्षेत्र की बेशकीमती जमीनों पर भूमाफियाओं की नजर⤵️

पूर्व प्रधान सारकोट राजेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि राजधानी क्षेत्र में थोड़ा बहुत विकास की शुरुआत देखकर ही भूमाफियाओं की नजर यहां लगी हुई है,जो भोले भाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर सस्ते दामों पर जमीन खरीद का नेटवर्क चला रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए अविलंब खरीद फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की है।

सारकोट में करोड़ों की योजनाएं संचालित नजदीकी परवाडी भी बनेगा आदर्श ग्राम⤵️

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण से सटे सारकोट गांव को मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम घोषित किया गया है,जबकि इससे सटे परवाडी गांव को भी आदर्श ग्राम बनाए जाने को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। लगभग 3 वर्ष पूर्व घोषित मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में वर्तमान में तमाम विभागों की करोड़ों रुपयों की धनराशि की योजनाओं को धरातल पर उतारा गया है, जिसके तहत सारकोट गांव के सभी 250 भवनों पर सौंदर्यिकरण योजना के तहत रंग रोगन कर नया स्वरूप दिया गया है। ग्रामीणों को कृषी उधान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की मंशा से जिला प्रशासन द्वारा गांव के 203 कृषकों की लगभग 126 हेक्टेयर जमीन को बेहतर आय का साधन बनाने के लिए 1600 मीटर की सोलर चैन लिंक फेंसिंग तैयार की जा चुकी है ,जबकि 950 मीटर और कार्य किया जाना प्रस्तावित है।

वहीं,दूसरी ओर गांव के रास्तों को सोलर लाइटों से चमकाया गया है,प्राथमिक विद्यालय में तमाम निर्माण व सजावट कार्य संचालित हैं,गांव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को 14 पेयजल टैंकों का भी निर्माण चल रहा है।जबकि महिलाओं को रोजगार से जोडने के लिए स्वंय सहायता समूह के माध्यम से डेयरी योजना व कुटाई पिसाई जैसे लघु कुटीर उद्योग चलाने के लिए बैंक ऋण सहित मशीनें भी उपलब्ध करवायी गई हैं।

सरकार की दूरदर्शी मंशा के विपरीत ग्रामीण देख रहे तात्कालिक लाभ 15 दिनों में 50 नाली भूमि बेची⤵️

दूसरी तरफ सरकार द्वारा संचालित करोडों रूपये की योजनाओं में भविष्य की कोई बड़ी संभावना को नजर अंदाज कर ग्रामीण ताल्कालिक लाभ देख अपनी पुस्तैनी जमीनों को बेच रहे हैं। राजस्व रिकार्डों की बात करें तो विगत मई माह में ही 13 से 30 मई के बीच अब तक 50 नाली भूमि बेची जा चुकी है,जिसकी सरकारी दरों की लागत ही लगभग पौने दो करोड रुपए के आसपास बैठती है,जबकि बाजार रिसेल वैल्यू की अनुमानित लागत 10 करोड से भी ऊपर बताई जा रही है।

कांग्रेस के मुकेश नेगी बोले हरीश रावत सरकार के पूर्व में लागू नियमों को लागू करे सरकार⤵️

इस मामले में कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक प्रत्याशी कर्णप्रयाग मुकेश नेगी ने कहा कि मामले में प्रशासन व सरकार को तुरंत संज्ञान लेकर स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए की किस उपयोग के लिए भूमि ली जा रही है।उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गैरसैंण के विकास की कल्पना को दूरदर्शी निगाहों से देखते हुए पूरे परिक्षेत्र की भूमि की बिक्री पर रोक लगाई थी वर्तमान सरकार ने रोक हटाकर गैरसैंण को लूटने की तैयारी कर ली है जिसका पूरजोर विरोध किया जाएगा।

विधायक नौटियाल बोले सरकार ओर ग्रामीणों से करेंगे बात⤵️

विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल ने मामले की संवेदनशीलता को लेकर कहा की सारकोट गांव मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल है,जिसको लेकर कई नयी योजनाएं लायी जा रही हैं। ग्रामीणों को अपनी पुस्तैनी जमीनों का महत्व समझना चाहिए, जो वर्षों से उनकी आजीविका का साधन रही हैं। कहा कि जमीन बेचे देंगे तो आने वाली पिढियां कहां जाएंगी,उन्होंने मामले को गंभीरता से सरकार के संज्ञान में लाने की बात कही है।

मामले में राजस्व कर्मचारी को अधूरी जानकारी⤵️

मामले में जब भराड़ीसैंण क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षक विनोद कुमार से जानकारी लेनी चाही तो,उन्होंने 15 नाली तक ही भूमि बेचे जाने की जानकारी होने की बात कही,जो किसीके भी गले नहीं उतर रही है,जबकि बिक्री किए जाने वाली भूमि के नक्शे राजस्व उप निरीक्षक द्वारा ही तैयार किये जाते हैं,राजस्व रिकार्डों के आधार पर अब तक 50 नाली भूमि बेची जा चुकी है।

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