पिथौरागढ़ में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने जंगल से भ्रूण किया बरामद,आरोपी शिक्षक के मोबाइल ने खोले गुनाह के कई राज।

पिथौरागढ़ में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने जंगल से भ्रूण किया बरामद,आरोपी शिक्षक के मोबाइल ने खोले गुनाह के कई राज।

पिथौरागढ़:-11 जून 2026

सीमांत जिले पिथौरागढ़ के अस्कोट क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने अस्कोट से लगभग 35 किलोमीटर दूर जंगल से भ्रूण के अवशेष बरामद किए हैं। भ्रूण की तलाश के लिए एसएसबी के डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई।

कनालीछीना विकासखंड के एक सरकारी हाईस्कूल की 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने उसी स्कूल में तैनात शिक्षक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। आरोप है कि छात्रा के छह माह की गर्भवती होने पर शिक्षक ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी। इसके बाद भ्रूण को दूर जंगल में फेंक दिया गया। गर्भपात के लगभग 20 दिन बाद रक्तस्राव होने से छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। जांच में सामने आया कि, छात्रा के शारीरिक शोषण और गर्भवती होने के बावजूद परिजनों ने बदनामी के कारण मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी। अधिक रक्तस्राव होने पर परिजन छात्रा को उपचार के लिए पीएचसी कनालीछीना ले गए. जहां छात्रा के साथ दुष्कर्म का खुलासा हुआ। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित परिवार की तरफ से अस्कोट थाना में पॉक्सो के तहत मुकदमा दर्ज करने के साथ ही आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी शिक्षक ने भ्रूण के संबंध में कई राज खोले। इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य भ्रूण था। भ्रूण की तलाश के लिए सीओ डीडीहाट उमेश मलिक के नेतृत्व में एसएसबी डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम समेत कुल 40 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। लगातार खोजबीन के बाद इस पूरे मामले से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य भ्रूण के अवशेष अस्कोट से लगभग 35 किलोमीटर दूर जंगल से बरामद किए।

भ्रूण के अवशेषों को फॉरेंसिक टीम ने सुरक्षित सील कर कब्जे में लिया है. पुलिस का कहना है कि यह साक्ष्य जांच में अहम होंगे। बरामद साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच को और अधिक वैज्ञानिक एवं सशक्त बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ, पिथौरागढ़ जिले में पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों का अनुपात कम होने के कारण गर्भपात की दवाइयां प्रतिबंधित है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शिक्षक ने गर्भपात की दवा कहां से खरीदी? दूसरा ये कि, 6 माह की गर्भवती किशोरी का गर्भपात कैसे और कहां कराया गया. क्या इसमें किसी डॉक्टर या क्लिनिक की भूमिका है? ये भी जांच का विषय है।

पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि,नाबालिग से दुष्कर्म और गर्भपात के मामले में भ्रूण के अवशेष मिले हैं। यह महत्वपूर्ण साक्ष्य है। इसकी शीघ्र डीएनए जांच कराई जाएगी। इसके अलावा आरोपी शिक्षक के मोबाइल से कुछ स्कूली लड़कियों के अश्लील फोटोज और वीडियोज भी बरामद हुए हैं।आरोपी शिक्षक पहले गढ़वाल मंडल के स्कूल में भी अपनी सेवा दे चुका है।

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