जम्मू कश्मीर में देश सेवा करते हुए उत्तराखण्ड का वीर सपूत 21 वर्षीय रोहित रावत शहीद,पहाड़ में शोक की लहर।
टिहरी गढ़वाल:- 11 जून 2026
उत्तराखण्ड के लिए बेहद दुःखद खबर जम्मू कश्मीर से सामने आ रही है। जहां तैनात उत्तराखण्ड का एक और वीर सपूत मां भारती की रक्षा करते हुए शहीद हो गए हैं। शहीद जवान की पहचान रोहित रावत के रूप में हुई है. बताया गया है कि वे भारतीय सेना की 20 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे और मूल रूप से वीरभूमि टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र के मेन्डू सिन्दवाल गांव के रहने वाले थे। महज 21 वर्षीय जवान रोहित रावत के सर्वोच्च बलिदान की खबर जैसे ही गांव और क्षेत्र में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार,रिश्तेदारों और ग्रामीणों की आंखें नम हैं, जबकि हर किसी की जुबान पर अपने वीर बेटे के लिए गर्व और सम्मान के शब्द हैं।
अभी तक मिल रही जानकारी के अनुसार रोहित रावत भारतीय सेना की 20 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे और वर्तमान में जम्मू क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि 10 जून की सुबह करीब तीन बजे वह देश सेवा के दौरान शहीद हो गए। शहादत की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग लगातार शहीद जवान के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी शहादत किन परिस्थितियों में हुई है। परंतु स्थानीय क्षेत्र पंचायत सदस्य ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उनकी शहादत की पुष्टि करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। भारतीय सेना द्वारा शहीद रोहित रावत का पार्थिव शरीर 11 जून को उनके पैतृक गांव पहुंचाया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। हर आंख नम है।
मिली जानकारी के अनुसार शहीद रोहित रावत का अंतिम संस्कार शुक्रवार 12 जून को प्रातः 10 बजे उनके पैतृक घाट बिनपुला में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम यात्रा में सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और पूरे सैन्य सम्मान के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी जाएगी।
महज 21 वर्ष की आयु में रोहित रावत ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। जिस उम्र में युवा अपने भविष्य के सपने बुनते हैं, उस उम्र में उन्होंने देश को सर्वोपरि मानते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी शहादत केवल उनके परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड का नुकसान है। वीर भूमि उत्तराखंड ने एक और बहादुर बेटा खो दिया, जिसने अपने कर्तव्य को जीवन से भी अधिक महत्वपूर्ण समझा। घनसाली क्षेत्र सहित पूरे टिहरी जनपद में शोक का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी लोग शहीद रोहित रावत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोहित का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।
