108 प्रबंधन का गजब कारनामा,एंबुलेंस को ही बना दिया रिपेयरिंग वाहन।
जोशीमठ की एंबुलेंस रिपेयर वाहन बनकर पंहुची गैरसैंण,5 दिनों से बीना गांव में खडी है खराब एंबुलेंस।
मेहलचौरी (गैरसैण)-17 जुलाई 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
आम आदमी के जीवन को बचाने के लिए संजीवनी माने जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा की बदहाली का आलम यह है कि, एक तरफ जहां आधे रास्ते में ही मरीजों को उतारना पड़ रहा है,वहीं 108 के अधिकारी 108 एंबुलेंस सेवा को रिपेयरिंग वाहन बनाने का तुगलकी फरमान जारीकर रही सही कसर पूरी करने पर लगे हैं।
दरअसल विकासखंड गैरसैंण के बीना गांव में 5 दिन से खराब पड़ी 108 एंबुलेंस को ठीक करवाने के लिए 108 के जिला योजना अधिकारी हिमांशु कुमार ने दूसरा 108 वाहन जोशीमठ से 150 किलोमीटर दूर गैंरसैंण के बीना गांव में रिपेयरिंग के लिए भेजने के आदेश दे दिए। उल्लेखनीय है की 12 जुलाई को बीना गांव के 65 वर्षीय बिमार बुजुर्ग बच्चन सिंह को गैरसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाने के दौरान एम्बुलेंस गांव से 1 किलोमीटर आगे पट्टा टूटने के कारण खराब हो गई थी। तब मरीज दूसरा वाहन बुक करवा कर गैरसैंण पंहुच पाए।
वहीं,ॠषिकेश रेफर होने के बाद मरीज अपना ईलाज करवा कर 15 जुलाई को घर वापस भी पंहुच गये थे,जिसके बाद भी खराब एंबुलेंस 5 दिनों से लावारिश हालत में वहीं खडी थी।जिसकी सूचना पर पहले तो जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा का प्रबंधन देख रहे हिमांशु कुमार ने किसी वाहन के खराब होने की सूचना से ही इनकार कर दिया था। जिसके बाद अब 16 जुलाई को जोशीमठ से कर्णप्रयाग तक आए 108 एंबुलेंस सेवा को ही रिपेयरिंग का सामान लेकर 75 किलोमीटर दूर गैरसैंण के बीना गांव भेज दिया गया। कर्णप्रयाग से ही बीना गांव आने-जाने ओर रिपेयरिंग में 7 से 8 घंटे का वक्त लग गया, जिससे जोशीमठ जैसे महत्वपूर्ण यात्रा पड़ाव भी सेवा से वंचित रहा।महत्वपूर्ण एंबुलेंस सेवा को रिपेयरिंग सेवा में लगाए जाने पर आम -जन में खासी नाराजगी भी दिखाई दे रही है।
मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य सुरेश कुमार बिष्ट व्यापार संघ अध्यक्ष मोहन सिंह नेगी ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम ही अपने आप में हास्यास्पद है ,जो विभागीय अधिकारियों के बजट को ठिकाने लगाने की नियत का परिणाम है। पहले पट्टा टूटने पर 5 दिन तक गाडी का खडा रहना व रिपेयरिंग के लिए दूसरे 108 वाहन का इस्तेमाल करना पहाडी क्षेत्रों के मरीजों की जिंदगी से खिलवाड है। जबकि गाड़ी के पट्टे को स्थानीय स्तर पर ही चंद घंटों में आसानी से रिपेयर करवाया जा सकता था। कहा कि, 108 प्रबंधन की घोर लापरवाही व मनमानी को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
वहीं,इस मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता ने कहा कि 108 प्रबंधन की लापरवाहीयों की तमाम शिकायतें बार-बार मिल रही हैं,जिसको लेकर स्वास्थ्य सचिव को अवगत करवा दिया गया है। वहीं 5 दिन तक एक एंबुलेंस के खराब रहने व दूसरी को रिपेयर गाड़ी बनाना सरासर मानकों का उल्लंघन है। कहा कि,एंबुलेंस सेवा मरीजों की आकस्मिक सेवा के लिए ही रखी गई है ,पूरे मामले की जांच कर उच्च स्तरीय अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
