वैली ऑफ फ्लावर्स पर्यटकों से हुई गुलजार,बड़ी तादात मैं पहुंच रहे देशी-विदेशी पर्यटक।
चमोली-04 अगस्त 2026
जैव विविधता और अल्पाइन पुष्पों की दुर्लभ प्रजातियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल फूलो की घाटी राष्ट्रीय उद्यान आजकल पर्यटकों से गुलजार है. जहां आये दिन फूलों की घाटी के दीदार करने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर पहाड़ी वादियों के खुशनुमा मौसम का भी जमकर लुफ्त उठा रहे हैं।
चमोली जनपद के उच्च हिमालई भ्यूंडार वैली में स्थित यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी दुर्लभ पुष्प जैव विविधता और सुंदर प्राकृतिक दृश्यों के चलते अब देश दुनिया के सैलानियों का एक प्रमुख प्रकृति पर्यटन आकर्षण केंद्र बना हुआ है,इस पुष्प विवावान में इन दिनों रंग बिरंगे अल्पाइन हिमालई पुष्प अपनी महक से प्रकृति प्रेमियों को बेहद आकर्षित कर रहे हैं।
खासकर जेरेनियम,पोटेंटिला,मोरिना लोंगिफोलिया,बाल्सम,गुलमेहंदी,रत्नज्योति,लिगुलरिया,एरीगरॉन,सेनिसिओ, क्रीमंथोडियम, एपिलोबियम प्रजाति के पुष्पों की भरमार है,अगस्त माह के शुरू होते ही घाटी में फ्लावरिंग सीजन चरम पर है,बामन धोड से लेकर रिवर व्यू प्वाइंट तक विभिन्न घाटी रंग बिरंगे पुष्पों से सजी हुई नजर आ रही है, पर्यटक बड़ी तादाद में प्रति दिन वैली पहुंच रहे हैं।
वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की रेंज ऑफिसर चेतना काण्डपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि, फूलों की घाटी के खुलने से लेकर अब तक घाटी में करीब 16, हजार 970 भारतीय पर्यटक और 90 विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं.जिसमे कुल 17 हजार 60 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे है.जिससे पार्क प्रशासन को करीब 31,52,300 रुपए की आय हुई है.वही, पिछले वर्ष 2025 के आंकड़े बताते हुए उन्होंने कहा कि,2025 के सीजन में 31अक्टूबर तक करीब 15 हजार 508 भारतीय पर्यटक और 416 विदेशी पर्यटकों के साथ कुल 15 हजार 924 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे थे.जिससे पार्क प्रशासन को कुल 33,28,050 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था।
बता दें कि, इस वर्ष महज दो माह में ही फूलों की घाटी में रिकॉर्ड तोड़ 16,970 पर्यटक पहुंच चुके हैं,जबकि अभी घाटी का सीजन चरम पर है.घाटी में रिकॉर्ड तोड़ पर्यटकों के पहुंचने से पर्यटन कारोबारियों ने भी खुशी जताई है।
