पौड़ी में बारिश का कहर: मेहर गांव में मकान ढहा, 2 साल के मासूम की मौत; बुजुर्ग समेत दो की तलाश जारी।
पौड़ी गढ़वाल:-18 अगस्त 2026
उत्तराखण्ड में मौसम का कहर जारी है। राज्य के किसी ना किसी हिस्से से लगातार आती प्राकृतिक घटनाओं की खबरों के बीच एक बेहद दुखद खबर इस वक्त राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले से सामने आ रही है जहां लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। जगह-जगह भूस्खलन और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच लैंसडाउन थाना क्षेत्र के मेहर गांव में मंगलवार सुबह मलबा आने से एक मकान ढह गया। हादसे में दो वर्षीय मासूम की जान चली गई, जबकि बुजुर्ग महिला समेत दो लोग अभी लापता हैं। दोनों की तलाश में पुलिस और एसडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त घर में एक मैक्स चालक अपने परिवार के साथ रहता था।
द्वारीखाल ब्लॉक के मेहर गांव में मंगलवार सुबह करीब 7 बजे पहाड़ी से आए मलबे ने एक मकान को अपनी चपेट में ले लिया। मलबे के दबाव से मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ढह गया। घटना के वक्त घर के भीतर 4 लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को तलाशने का अभियान शुरू किया गया।
रेस्क्यू के दौरान दो वर्षीय रुद्राक्ष पुत्र नवीन सिंह का शव मलबे से बरामद किया गया। मासूम की मौत से गांव में मातम पसर गया। वहीं धीरेंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह, उम्र 46 वर्ष और मथुरा देवी पत्नी प्रताप सिंह, उम्र 70 वर्ष अभी लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मलबे को हटाकर दोनों की तलाश में जुटी हैं। बारिश के बीच राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रखा गया है।
लगातार बारिश के बीच सतपुली तहसील के बैर गांव से भी हादसे की खबर सामने आई। यहां मंगलवार सुबह 60 वर्षीय सुशीला देवी पत्नी कोमल सिंह अपने किचन में खाना बना रही थीं। इसी दौरान अचानक किचन की छत भरभराकर गिर गई। छत की चपेट में आने से सुशीला देवी घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें बाहर निकाला और उपचार के लिए हंस फाउंडेशन अस्पताल, सतपुली पहुंचाया। उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
पौड़ी जिले में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। भूस्खलन और मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। मेहर गांव की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन और मलबे के खतरे को सामने ला दिया है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता मलबे में लापता धीरेंद्र सिंह और मथुरा देवी को सुरक्षित बाहर निकालने की है। राहत और बचाव दल दोनों की तलाश में जुटे हुए हैं।
