हल्द्वानी के ‘शुद्धीकरण’ विवाद में बेंगलुरु में महेंद्र भट्ट समेत अन्य पर जीरो FIR.

हल्द्वानी के ‘शुद्धीकरण’ विवाद में बेंगलुरु में महेंद्र भट्ट समेत अन्य पर जीरो FIR.

उत्तराखंड:-05 सितंबर 2026

उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धीकरण’ को लेकर विवाद अब उत्तराखंड से बाहर भी पहुंच गया है। मामले में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और अन्य लोगों के खिलाफ बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरगे की मौजूदगी के बाद उसी स्थान पर किए गए कथित शुद्धीकरण अनुष्ठान के जरिए जातिगत धारणा को व्यक्त किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा ने 31 अगस्त को बेंगलुरु के विधान सौध पुलिस थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। FIR में कहा गया है कि 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके दो दिन बाद 10 अगस्त को भाजपा के कुछ सदस्यों, पदाधिकारियों और अन्य लोगों ने उसी स्थान पर कथित ‘शुद्धीकरण अनुष्ठान’ किया।

रामप्पा ने आरोप लगाया कि कथित अनुष्ठान का उद्देश्य यह धारणा व्यक्त करना था कि खरगे के वहां आने से स्थान ‘अशुद्ध’ हो गया था। इसी आरोप को लेकर उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शिकायत के आधार पर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत अन्य सदस्यों के खिलाफ नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि FIR में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जानी है और आरोपों की सत्यता जांच के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।

इसी विवाद की दूसरी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। उक्त एफआईआर श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े अमित कुमार ने 31 अगस्त को दी गई तहरीर के आधार पर दर्ज की गई है। अमित कुमार की ओर से अपनी शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग देकर वाल्मीकि और अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

हल्द्वानी से शुरू हुआ यह शुद्धीकरण विवाद अब उत्तराखंड और कर्नाटक, दोनों राज्यों तक पहुंच चुका है। एक तरफ बेंगलुरु में महेंद्र भट्ट समेत अन्य के खिलाफ जीरो FIR दर्ज हुई है, वहीं दूसरी ओर हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत के बाद मामला राजनीतिक बहस के साथ कानूनी प्रक्रिया में भी प्रवेश कर चुका है। अब दोनों मामलों में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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