आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने चोरी के माल का एक हिस्सा रखा अपने पास,दरोगा-सिपाही समेत चार गिरफ्तार।

आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने चोरी के माल का एक हिस्सा रखा अपने पास,दरोगा-सिपाही समेत चार गिरफ्तार।

हिमाचल पुलिस की कार्रवाई के बाद डीएम के आदेश पर उप आबकारी निरीक्षक और सिपाही सहित चार निलंबित।

रुद्रपुर:-22 सितंबर 2026

हिमाचल प्रदेश में हुई चोरी के मामले की जांच की आंच रुद्रपुर तक पहुंच गई है। चोरी के सामान का एक हिस्सा अपने पास रखने के आरोप में हिमाचल पुलिस ने रुद्रपुर के आबकारी विभाग से जुड़े कर्मचारियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आबकारी विभाग के उप आबकारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार, सिपाही बलजीत सिंह,उपनलमकर्मी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम शामिल हैं। हिमाचल पुलिस सभी को अपने साथ ले गई है। मामले में एक अन्य अज्ञात व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर उप आबकारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार और सिपाही बलजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है।

हिमाचल पुलिस ने रुद्रपुर पहुंचकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से मामले की जांच की।पुलिस टीम ने करीब तीन दिन तक साक्ष्य जुटाए। एसएसपी ऊधमसिंह नगर अजय गणपति ने बताया कि हिमाचल पुलिस की ओर से यदि मामले में तहरीर दी जाती है तो उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका भी सामने आ रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

ऐ था पूरा घटनाक्रम:-हिमाचल प्रदेश के शिमला में बीते 8 सितंबर को होटल कारोबारी रेणु बालजीज ने थाना सदर पुलिस में मामला दर्ज कराया कि उनके घर में सफाई करने वाली नेपाली मूल की युवती करिश्मा ने घर से चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। होटल कारोबारी का आरोप था कि उनकी हाउस हेल्प ने खाने में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर पहले उनको बेहोश किया। फिर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घर से करोड़ों रुपये के जेवर और नकदी चोरी कर ली,घटना सोमवार 7 सितंबर की है।पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि,चोरी हुए आभूषणों में कई पुश्तैनी गहने भी शामिल हैं। इनमें सोने-चांदी की चूड़ियां, चेन, अंगूठियां और अन्य कीमती आभूषण हैं। चोरी हुए सामान की कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक है।

शिमला एसपी गौरव सिंह ने भी मामले की पुष्टि करते हुए बताया था कि,नौकरानी ने कथित तौर पर अपने तीन साथियों को घर में बुलाकर अलमारियों के ताले तोड़े और सोने-चांदी के कीमती आभूषण और नकदी चोरी की। इसी बीच कथित तौर पर नेपाल पहुंचे आरोपियों ने शिमला में जिस व्यक्ति के घर में चोरी की थी, उसे पूरी घटना की जानकारी दी. आरोपियों ने होटल मालिक को फोन कर बताया कि चोरी के बाद उत्तराखंड चेक पोस्ट पर उन्हें रोक लिया गया था और उनके पास मौजूद चोरी का सामान और नकदी ले ली गई है। इसके बाद मामले की जानकारी हिमाचल पुलिस तक पहुंची।

मामले में नया मोड तब आया जब संबंधित चोरी की घटना के खुलासे के लिए हिमाचल पुलिस ने प्रकरण की जांच के लिए उत्तराखंड पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान उत्तराखंड पुलिस को भी मामले की जानकारी हुई। जिसके बाद रुद्रपुर क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में कोतवाली पंतनगर व कोतवाली रुद्रपुर की ज्वाइंट पुलिस टीमें केस सुलझाने में जुट गईं। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध आरोपी घटना के बाद शिमला से दिल्ली पहुंचे और वहां से सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार में सवार होकर रुद्रपुर होते हुए नेपाल की ओर रवाना हुए हैं। पुलिस टीम को जांच के दौरान पता लगा कि 8 सितंबर की ही सुबह लगभग 11 बजे उसी सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार को रुद्रपुर-रामपुर सीमा स्थित आबकारी चेक पोस्ट पर तैनात आबकारी कर्मियों ने चेकिंग के लिए भी रोका था। गाड़ी और उसमें सवार लोगों की चेकिंग की गई थी। दोनों राज्यों की पुलिस की जांच के दौरान उधम सिंह नगर के आबकारी विभाग में तैनात चार कर्मचारियों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया।

इसी जांच और पूछताछ के आधार पर उधम सिंह नगर जिला आबकारी विभाग के दारोगा देवेंद्र कुमार, कॉन्स्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मचारी पप्पू लाल और पीएलडी जवान नईम को 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। चारों के कब्जे से थाना सदर शिमला में दर्ज चोरी के मामले से संबंधित बहुमूल्य चोरी की संपत्ति बरामद की गई है। मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत जांच की जा रही है।

उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने चारों कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि,जिलाधिकारी के आदेश पर चारों कर्मचारियों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए हैं और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उत्तराखंड पुलिस और संबंधित विभाग ने हिमाचल पुलिस को कार्रवाई में सहयोग किया है। चारों आरोपियों को हिमाचल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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