नैनीताल के एसपी रहे प्रह्लाद नारायण मीणा समेत तमाम पुलिसकर्मियों पर हाईकोर्ट में गलत रिपोर्ट पेश करने के आरोप,हाईकोर्ट ने जारी किया अहम आदेश।
नैनीताल:-22 सितंबर 2026
सामाजिक कार्यकर्ता और याचिकाकर्ता भुवन पोखरिया की ओर से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को ‘राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण देहरादून’ में शिकायत दर्ज कराने को कहा है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा, एएसपी प्रकाश चंद्र, एलआईयू निरीक्षक पंकज उप्रेती और पूर्व सीओ दीपशिखा अग्रवाल ने बिना किसी साक्ष्य व अभिलेखों के आधार पर हाईकोर्ट में गलत एवं कूटरचित (फर्जी) रिपोर्ट पेश की। इस आधारहीन रिपोर्ट के कारण याचिकाकर्ता और उनके परिवार की निजता (प्राइवेसी) के अधिकार का उल्लंघन हुआ,साथ ही उनका मानसिक उत्पीड़न एवं शोषण किया गया। नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अलोक महरा की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए ‘राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण देहरादून’ में अपनी शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि प्राधिकरण की जांच या कार्रवाई से याचिकाकर्ता संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे दोबारा हाईकोर्ट का रुख करने की स्वतंत्रता के साथ याचिका को निस्तारित (डिस्पोज) कर दिया। गौर हो कि इससे पहले याचिकाकर्ता ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत एसएसपी कार्यालय से रिपोर्ट के साक्ष्य और दस्तावेज मांगे थे, लेकिन कोई रिकॉर्ड उपलब्ध न कराए जाने पर उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
