खबर का हुआ असर:-गोगनाणी सड़क को लेकर पीडब्ल्यूडी हरकत में,डीजीपीएस से होगा सर्वे।

खबर का हुआ असर:-गोगनाणी सड़क को लेकर पीडब्ल्यूडी हरकत में,डीजीपीएस से होगा सर्वे।

महिलाओं द्वारा बीमार को 4 किलोमीटर डोली से सड़क तक पहुंचाने के मामले में शासन प्रशासन भी सक्रिय।

मेहलचौरी (गैरसैंण):-24 सितंबर 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला

विकासखंड गैरसैंण के कुनिगाड़ क्षेत्र के गोगनाणी गांव में बीमार व्यक्ति को महिलाओं द्वारा 4 किलोमीटर दूर सड़क मार्ग तक डोली से पहुंचाए जाने का मामला खबरों में आने के बाद अब लोक निर्माण विभाग हरकत में आ गया है। जिसके बाद कोठा गोगनाणी की प्रस्तावित 4 किलोमीटर सड़क की आवश्यक कार्यवाही को लेकर मौके पर पंहुचे विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से संपर्क कर जल्द ही वन विभाग की आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढाने की बात कही,जरूरी सर्वे कार्य को भी आगे बढ़ाया। विभाग की सक्रियता से अब ग्रामीणों में लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण का रास्ता जल्द साफ होने की उम्मीद जगी है।

लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विष्णु,कनिष्ठ अभियंता सागर नेगी और विभागीय अमीन प्रदीप रावत के साथ मौके पर पंहुच जीपीएस (वैश्विक स्थिति निर्धारक) के माध्यम से सडक निर्माण में पडने वाली जमीन के आवश्यक बिंदुओं के कोऑर्डिनेट दर्ज किए।इन्हीं आंकड़ों के आधार पर आगे की तकनीकी कार्रवाई की जाएगी।

मामले में 25 अगस्त को केदारनाथ वन प्रभाग के वन संरक्षक प्रदीप कुमार और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार की उपस्थिति में संयुक्त टीम ने सड़क की प्रस्तावित भूमी का निरीक्षण किया था,जिसके बाद वन विभाग ने सड़क निर्माण को लेकर 8 सितंबर को लोनिवि को भेजे पत्र में 5 बिंदुओं पर आपत्तियां जतायी थीं। जिनमें सड़क निर्माण में आने वाली भूमि के सिविल व आरक्षित वन क्षेत्र से संबंधित स्थिति,सड़क के समरेखण लिए प्रस्तावित पिलरों की लोकेशन,मलवा निस्तारण के लिए चयनित भूमी व सडक निर्माण में बनने वाले दो पुलों की स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को एक माह का समय दिया गया था।

सहायक अभियंता विष्णु ने बताया कि सामान्य जीपीएस से स्पष्ट और सटीक मापन नहीं हो पाने के कारण उन्नत तकनीक का डीजीपीएस उपकरण मंगवाया गया है। इससे त्रुटिरहित सर्वे कर आवश्यक आंकड़े जुटाकर रिपोर्ट वन विभाग को भेजने के साथ ही एक बार फिर संयुक्त निरीक्षण के लिए वन विभाग को सूचना दी जाएगी। जिसके बाद आवश्यक कार्यवाही डीएफओ चमोली के माध्यम से नोडल कार्यालय देहरादून भेजी जाएगी। वहां से केंद्र स्तर पर सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ होने की उममीद है।

कुनीगाड़ के क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं ज्येष्ठ उपप्रमुख गैरसैंण लीलाधर जोशी ने बताया कि गोगनाणी,दमगड़ और तिमिलपानी सीमांत गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि गांव से करीब दो किलोमीटर आगे कुमाऊं मंडल क्षेत्र में अल्मोड़ा जनपद की सीमा तक सड़क निर्माण पहले ही पूर्ण हो चुका है,लेकिन नजदीकी चौखुटिया अस्पताल पहुंचने के लिए उक्त सड़क मार्ग की अत्यधिक लंबाई होने के कारण आपात स्थिति में उपयोग नहीं कर पाते हैं। चमोली गढ़वाल क्षेत्र में सड़क निर्माण का मामला लंबे समय से अटका हुआ है। अब विभाग द्वारा गंभीरता से कार्रवाई शुरू किए जाने से ग्रामीणों को सड़क निर्माण की आश बंधी है।

महिलाओं को उम्मीद-सड़क बनी तो पलायन पर भी लगेगी रोक

बीमार बलबंत सिंह नेगी को डोली में 4 किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाने वाली गांव की महिलाओं में शामिल गंगा देवी एंव पुष्पा देवी ने कहा कि सड़क सुविधा के अभाव में पिछले कुछ वर्षों में कई लोगों को समय पर उपचार नहीं मिलने से असमय जान गंवानी पड़ी।उन्होंने बताया की कुछ दिन पहले ही गांव के बिमार बुजुर्ग बलवंत सिंह नेगी को सभी महिलाएं डोली से सड़क तक ले गयीं,लेकिन उपचार में देरी के चलते उनकी मौत हो गयी जिससे सरकारी व्यवस्थाओं के प्रति गांव में निराशा ओर गुस्से का माहौल बना हुआ है.अभी भी सड़क बन जाए तो स्वास्थय सेवाओं के लिए नजदीकी अस्पतालों तक पहंचने के साथ ही गांव के बच्चों को गांव से 6 किलोमीटर दूर कुनीगाड इंटर कालेज तक पंहुचना भी आसान हो जाएगा। जिसके साथ ही भविष्य में पलायन भी रूकेगा। ग्रामीण सतीश रावत का कहना है कि अब विभाग की ओर से मौके पर सर्वे और तकनीकी प्रक्रिया शुरू किए जाने से उन्हें उम्मीद है कि वर्षों से लंबित सड़क का सपना जल्द पूरा होगा।

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