कांग्रेस का मुख्य चुनाव आयुक्त और बीजेपी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन।
देहरादून:-25 सितंबर 2026
उत्तराखंड कांग्रेस का आज चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय कूच के लिए सचिवालय की ओर निकल पड़े। हालांकि इस दौरान भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग ने उनका रास्ता रोक दिया, इसके बाद कांग्रेसी वहीं पर धरने पर बैठ गए और लगातार चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफा और उन्हें जेल में भेजने की मांग करते हुए नजर आए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस आक्रोश को जनता का आक्रोश बताते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार ने करीब 13 करोड़ मतदाताओं से उनका मत अधिकार छीना है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के पूर्व में जताए गए अंदेशे से पर भी कहा कि राहुल गांधी के पूर्व की बात आज सच साबित हो रही है। उन्होंने इलेक्शन कमिश्नर पर भाजपा की सरकारों को बनाने का आरोप भी लगाया और कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने कृत्यों को भुगतना पड़ेगा और कानून का सामना करना पड़ेगा।
वहीं, पूर्व जिलाधिकारी व राज्य मंत्री रहे सुंदरलाल मुयाल ने भी निर्वाचन आयोग के नियमों के उल्लंघन की बात कही और अपने 34 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव के आधार पर कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर के तौर पर उन्होंने भी 2005 तक सेवाएं दी हैं, जिसमें जिन नियमों के तहत मतदाता सूची बनाई जाती है, नाम पंजीकरण कराया जाता है और वर्तमान में जिस तरह भारत में निर्वाचन आयोग नियमों की अवहेलना कर रहा है उसको लेकर पूरे देश में आक्रोश बना हुआ है।
बीजेपी विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस पर साधा निशाना।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने कहा जब से एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से कांग्रेस पार्टी लगातार एक विशेष नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस यह साबित करने का प्रयास कर रही है कि उसका वोटर काटा जा रहा है, जिसे बीजेपी पूरी तरह से अस्वीकार करती है।
विधायक चमोली ने स्पष्ट किया कि मतदान हमेशा पूरी तरह गोपनीय होता है, और कोई भी व्यक्ति यह दावा नहीं कर सकता कि किसने किसे वोट दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक देश में हर नागरिक का मताधिकार पूरी तरह सुरक्षित होना चाहिए। यदि किसी स्तर पर छोटी-मोटी आपत्तियां या शिकायतें सामने आ रही हैं, तो उनका समय पर निस्तारण किया जाना चाहिए। बीजेपी विधायक ने कहा कि विपक्ष के पास अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनता के बीच भ्रम फैलाने वाले इस तरह के निराधार नैरेटिव से बचा जाना चाहिए ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
