गैरसैंण विकासखंड की त्रैमासिक बैठक फिर स्थगित,पंचायत प्रतिनिधियों में रोष करेंगे धरना प्रदर्शन।

गैरसैंण विकासखंड की त्रैमासिक बैठक फिर स्थगित,पंचायत प्रतिनिधियों में रोष करेंगे धरना प्रदर्शन।

सालभर बीतने के बावजूद ब्लाक व ग्राम पंचायतों की अब तक केवल एक-एक बैठक।

मेहलचौरी (गैरसैंण):-28 सितंबर 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला

पंचायत राज अधिनियम में तीमाही बैठक का प्रावधान,गरीब ओर जरूरतमंदों के साथ ही विकास की योजनाओं का होता है चयन,जुलाई से वीवीरामजी लागू,नयी योजनाओं को चयन का इंतजार।

विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई मानी जाने वाली ग्राम पंचायतों के सशक्तीकरण को लेकर सरकारें तो तमाम दावे करती है, गांवों को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात भी की जाती है,लेकिन ग्राम पंचायतों के प्रति अधिकारीयों का लापरवाह ओर उदासीन रवैया ही इन दावों पर सवालिया निशान खडे करता है।वहीं जुडे हुए जनप्रतिनिधियों की भी ऐसे मामलों को लेकर कोई खास सक्रियता नहीं दिखायी देने से गांवों का विकास राम भरोसे ही चल रहा है। वहीं सरकारी योजनाओं की आश लगाए बैठा गरीब इंतजार करने को मजबूर है।ऐसे ही रवैये के चलते विकासखंड गैरसैंण जहां अपनी दूसरी त्रैमासिक बैठक के लिए तरस रहा है, वहीं ब्लाक से जुडे 95 ग्राम पंचायतों को अभी भी दूसरी खुली बैठकों का इंतजार है।

मामले में पंचायत विभागों से जुडे अधिकारी बैठकों के आयोजन की जिम्मेदारी त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के जिम्मे होने की बात करते हुए अपना पल्ला झाड रहे हैं,तो वहीं पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है की बैठकों का रोस्टर जारी करने ओर आयोजन की जिम्मेदारी पंचायत विभाग की है।

दरअसल ब्लाक की त्रैमासिक ओर ग्राम पंचायत की खुली बैठक हर तीन में आयोजित होनी जरूरी है,जिसमें नयी विकासीय योजनाओं के चयन के साथ ही पेयजल, सिंचाई ,शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषी,पशुपालन,वन,विधुत,स्वच्छता,आवास,शौचालय जैसी मुलभूत आवश्यकताओं के विकासीय कार्यों की रूपरेखा तय करने ओर विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को उठाने का मौका मिलता है। साथ ही योजनाओं के लिए जरूरतमंद गरीब व्यक्तियों ओर परिवारों का भी चयन किया जाता है।लेकिन पिछले सालभर में गैरसैंण ब्लाक की केवल एक त्रैमासिक बैठक ही आयोजित हुई है,वहीं खुली बैठकों को लेकर ग्राम पंचायतों का भी यही हाल है। जिसके चलते अभी पिछले वित्तिय वर्ष की मनरेगा योजनाएं ही संचालित हो रही हैं,जबकि जुलाई माह से शुरू हुई वीवीरामजी योजना को लेकर कोई बैठक ही नहीं हो पायी है।

मामले को लेकर प्रधान संगठन अध्यक्ष मनोज नेगी कहते हैं की एक साल में गांवों की केवल एक खुली बैठक हुई है,जबकि अब तक बीडीसी की भी एक ही बैठक होने से प्रधानगण अपने क्षेत्रों की समस्याओं को नहीं उठा पा रहे हैं। मामले में जल्द ही ब्लाक कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर विरोध किया जाएगा।

क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र आर्य कहते हैं की विभागीय अधिकारी मनमर्जी चला रहे हैं,गांवों ओर ब्लाक की बैठकों के आयोजन का जिम्मा विकास खंड कार्यालय ओर पंचायत अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कई बार कहने के बावजूद बैठकों का आयोजन नहीं किया जाना गांवों के विकास को रोकने की सोची समझी चाल है,जो सरासर पंचायत राज अधिनियम का उल्लंघन है ऐसे लापरवाह अधिकारियों का विरोध किया जाएगा।

मामले में डीपीआरओ चमोली आरसी त्रिपाठी ने बताया की बीडीसी बैठकों का रोस्टर जिले से तय किया जाता है,गैरसैंण ब्लाक की तीसरी तिमाही बैठक इस माह 29 सिंतबर को होनी थी,लेकिन दशौली ब्लाक में बहुउद्देशीय शिविर के आयोजन के चलते जिला स्तरीय अधिकारी उस बैठक में रहेंगे,जिस कारण गैरसैंण की बैठक अब 16 अक्टूबर को होगी।अभी तक केवल एक बैठक होने की बात पर उन्होंने कहा की ये उनकी जानकारी में नहीं है। ब्लाक कार्यालय से विस्तृत जानकारी ली जाएगी।

ग्राम पंचायतों की त्रैमासिक बैठक को लेकर एसडीओ पंचायत गैरसैंण रघुवीर लाल ने बताया की अक्टूबर 2025 ,दिसंबर 2025 व मई 2026 में अब तक तीन रोस्टर जारी हो चुके हैं, जबकि प्रधानगण अब तक केवल एक खुली बैठक होने का ही दावा कर रहे हैं।

वहीं बीडीओ पवन कंडारी बताते हैं,की ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों के लिए रोस्टर जारी किये गये हैं,लेकिन बैठकें आयोजित न होने को लेकर वो भी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए।

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