अवैध सिम बॉक्स से चल रहा था संदिग्ध कॉल सेंटर, एसटीएफ ने दो मैनेजर दबोचे।

अवैध सिम बॉक्स से चल रहा था संदिग्ध कॉल सेंटर,एसटीएफ ने दो मैनेजर दबोचे।

देहरादून:-02 अक्टूबर 2026

जीएमएस रोड स्थित कमला पैलेस के पास एक कंपनी के कार्यालय में अवैध सिम बॉक्स के जरिए संचालित किए जा रहे संदिग्ध कॉल सेंटर का एसटीएफ और देहरादून पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कंपनी के मैनेजर और रीजनल मैनेजर को गिरफ्तार किया। मौके से 32 स्लॉट वाला सिम बॉक्स, 45 सिम कार्ड, लैपटॉप, दो राउटर, दो एटीएम कार्ड समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।

एसटीएफ के अनुसार, दूरसंचार विभाग से मिले इनपुट के आधार पर देहरादून में संदिग्ध सिम बॉक्स के संचालन की जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि जीएमएस रोड स्थित कैरियर हाउस बिल्डिंग में संचालित SINGH ASSET RECON SERVICES PRIVATE LIMITED (SARS) के कार्यालय में कॉल सेंटर चल रहा था। एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से यहां छापा मारा।

तलाशी के दौरान DINSTAR कंपनी का 32 स्लॉट वाला सिम बॉक्स बरामद हुआ। दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस तरह के उपकरण के जरिए कॉल की वास्तविक पहचान छिपाई जा सकती है और इसका इस्तेमाल धोखाधड़ी समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता है।

पुलिस के मुताबिक, कॉल सेंटर में बैंक और वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और उससे जुड़े लाभ बताने के नाम पर कॉल की जाती थी। आरोप है कि कई मामलों में ग्राहकों पर जल्द रकम जमा करने का दबाव बनाने के लिए धमकी और गाली-गलौज तक की जाती थी। पुलिस के अनुसार, डर के कारण कुछ ग्राहक अपनी संवेदनशील जानकारी और धनराशि उपलब्ध करा देते थे।

लैपटॉप की जांच में SBI, BOB, AXIS BANK, POONAWALLA FINANCE, YES BANK और RBL समेत विभिन्न बैंकों व वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड से संबंधित डेटा मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इस डेटा के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच कर रही है।

जांच में यह भी सामने आया कि कॉल सेंटर में करीब 39 अन्य युवक-युवतियां काम कर रहे थे, जिन्हें कमीशन के आधार पर भुगतान किया जाता था। एसटीएफ के अनुसार, कॉल सेंटर में ग्राहकों को निर्धारित 1600 नंबर सीरीज के बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से कॉल की जा रही थी।

पुलिस ने कंपनी मैनेजर लक्ष्मण प्रसाद निवासी महोबा, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी देहरादून और रीजनल मैनेजर जगमोहन सिंह रावत निवासी नई दिल्ली को गिरफ्तार किया है।

मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु.अ.सं. 49/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(1), 61(2), 3(5), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C), 66(D) तथा दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(1), 42(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की अग्रिम विवेचना जारी है।

एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि बैंक या वित्तीय संस्थान के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल से सतर्क रहें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, ओटीपी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

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