उत्तराखंड क्रिकेट में 22 करोड़ के गबन का मामला गरमाया,नैनीताल हाइकोर्ट ने CBI से मांगी सीलबंद रिपोर्ट।
नैनीताल:-03 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में 22 करोड़ रुपये के गबन मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। नैनीताल हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस रिपोर्ट को ‘अस्पष्ट’ बताया है. साथ ही सीबीआई से बंद लिफाफे में इस मामले में राय मांगी है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता धीरज भंडारी द्वारा उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ दर्ज कराई गई 22 करोड़ रुपये के कथित गबन और भ्रष्टाचार की शिकायत पर सुनवाई की. इस याचिका में सीबीआई और बीसीसीआई को भी पक्षकार बनाया गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 26 मार्च 2025 को दिए गए निर्देशों पर पुलिस द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर असंतोष जताया. पुलिस उपाधीक्षक (सर्किल डोईवाला, देहरादून) अनिल कुमार जोशी की रिपोर्ट में कहा गया था कि ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कोई अनियमितता नहीं पाई गई।
नैनीताल हाईकोर्ट ने इस जांच रिपोर्ट को “अस्पष्ट और सतही” करार दिया, क्योंकि इसमें 15 नवंबर 2024 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी गई मूल शिकायत पर कोई ठोस चर्चा या जांच नहीं की गई थी।
पुलिस की ढुलमुल जांच पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह याचिका के पूरे रिकॉर्ड, शिकायत और प्रतिवादियों के दस्तावेजों का अध्ययन करे. अदालत ने सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से निर्देश दिया कि सीबीआई इन आरोपों पर अपनी विस्तृत राय एक ‘सीलबंद लिफाफे’ में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे. इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
