नारायणबगड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर पांचवें दिन भी धरना जारी,आंदोलन को मिला जनसमर्थन।

नारायणबगड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर पांचवें दिन भी धरना जारी,आंदोलन को मिला जनसमर्थन।

थराली (चमोली):-16 अक्टूबर 2026

चमोली जिले के नारायणबगड़ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन पांचवें दिन भी जारी है। स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति, महिला डॉक्टर की तैनाती, पर्याप्त बेड और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज नेगी और विपिन परिहार धरने पर बैठे हैं। आंदोलन को अब स्थानीय लोगों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिलने लगा है।

शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक जीतराम टम्टा,कांग्रेस नेता संदीप पटवाल और क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण रावत ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर चिंता जताते हुए मांगों को जल्द पूरा करने की आवश्यकता बताई। धरने में शामिल स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं को बेहतर बनाने और इसके उच्चीकरण की मांग उठाई।

नारायणबगड़ विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थानीय स्तर पर इलाज की एक महत्वपूर्ण सुविधा है। लेकिन यहां स्थायी चिकित्सकों की कमी और जरूरी संसाधनों के अभाव का मुद्दा लगातार उठ रहा है। इसी को लेकर दो क्षेत्र पंचायत सदस्य स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग के साथ आंदोलन कर रहे हैं।

धरनारत क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज नेगी और विपिन परिहार का कहना है कि क्षेत्र के दूरस्थ गांवों से मरीज इलाज की उम्मीद लेकर नारायणबगड़ पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जब तक स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक स्थानीय लोगों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता रहेगा।

आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक डॉ. जीतराम ने भी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे कई बार उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

पूर्व विधायक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणबगड़ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत करने की मांग की। साथ ही उन्होंने आंदोलनकारियों की पांच सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय लेकर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता जताई। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस आंदोलन के बाद जिम्मेदार विभाग और सरकार स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे, ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अपने नजदीक ही बेहतर उपचार मिल सके।

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