स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नौकरी से निकाला,हाईकोर्ट ने माना अधिकारों का हनन,निदेशक तलब।
नैनीताल:-07 नवंबर 2026
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक को 19 नवंबर को न्यायालय में हाजिर होने के निर्देश दिए। न्यायालय ने इसे कर्मचारी के अधिकारों का हनन माना।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में काम कर रहे पंकज साह पिछले आठ साल से वहां कार्यरत हैं। साह को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 7 जनवरी 2026 को सेवा से निकाल दिया। साह ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर कहा कि पूर्व में दिए गए कारण बताओ नोटिस का उन्होंने जवाब दिया था। परंतु, सेवा से बर्खास्तगी जैसे भीषण कदम से पहले प्राधिकरण ने उसका पक्ष तक नहीं जाना।
न्यायालय ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया एक कार्मिक जो इतने लंबे समय से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में कार्यरत था, उसको इस तरीके से सेवा से बर्खास्त कर देना और उसकी जगह किसी अन्य कार्मिक को रखना उस कार्मिक के अधिकारों का हनन है।
