गैरसैंण नगर के गांवली में दिखा विशालकाय अजगर,क्षेत्र में कोतूहल के साथ ही भय का माहौल।
वन विभाग सुरक्षित रेस्क्यू करने में सफल,गांव के नजदीक अन्य अजगरों की संभावना को लेकर सर्च अभियान की मांग।
1500 मीटर की ऊंचाई पर अजगर का पाया जाना दुर्लभ घटना।
गैरसैंण-09 अप्रैल 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
गुरुवार को सुबह विकासखंड गैरसैंण के गांवली व कोठियार गांव के समीप विशालकाय अजगर के देखे जाने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। एक तरफ पहली बार ग्रामीणों में अजगर को देखने को लेकर कौतूहल बना हुआ था तो दूसरी तरफ क्षेत्र में अन्य अजगरों की संभावना होने से डर का माहौल भी बना हुआ है।अकसर समुद्र तल से हजार मीटर की ऊंचाई तक ही पाए जाने वाले अजगर के डेढ हजार मीटर की ऊंचाई वाले गैरसैंण क्षेत्र में देखे जाने से लोगों में अचरज के साथ ही डर भी देखने को मिल रहा है। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पंहुचकर अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।
दरअसल गैरसैंण नगर से 5 किलोमीटर दूर धुनारघाट- बाटाधार सड़क के पुनर्निर्माण के दौरान सुबह 10 बजे गांवली व कोठियार गांव के बीच स्यूंटा स्यारी के समीप नाली की सफाई कर रहे ,आपरेटर नवीन काला व सहयोगी वीरेन्द्र रांगड को नजदीकी झाड़ियों में हलचल दिखाई दी जिसके बाद उत्सुकतावश नजदीक जाकर देखने की कोशिश की तो ,विशालकाय अजगर ऊंचाई पर चढ़ने के दौरान नाली में गिर गया, जिसे पहले तो बडा सांप समझकर उन्होंने भगाने का प्रयास किया इस बीच धीमी गति से ऊपरी खेत की तरफ जा रहा अजगर नाली में गिर गया। जिसके बाद जेसीबी बंद कर वे वहां से दूर हट गए, इस बीच अजगर होने की सूचना मिलते ही नजदीकी गांव गांवली, कोठियार और डुंगरी के ग्रामीण भी भारी संख्या में मौके पर पंहुच गये। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पंहुचे ओर 1 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान में वन विभाग की टीम को अजगर को सुरक्षित बड़े बैग में पकडने में कामयाबी मिली, जिसे दूरस्थ संरक्षित वन क्षेत्र में छोडने की बात कही गयी। वन विभाग की रेस्क्यू टीम में वन दरोगा रितु सती, वन बीट अधिकारी प्रीतम नेगी,अंकित श्रीसवाल ,दीपिका,बन दरोगा जंगबीर बिष्ट,फायर वाचर गब्बर सिंह,गोपाल दत्त व दलबीर सिंह सहित पूर्व सभासद कुंवर सिंह रावत शामिल रहे।
वन क्षेत्राधिकार प्रदीप गौड़ ने बताया की दैडा वन बीट के अंतर्गत स्यूंटा स्यारी गांवली में पाया गया अजगर ,रॉक पाइथन प्रकार का है,जिसकी संभावित लंबाई 9 से 10 फीट व वजन 30 किलोग्राम के लगभग बताया गया है,जबकि अजगर के नर या मादा होने की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। वहीं प्रत्यशदर्शी कुंवर सिंह रावत गुड्डू के अनुसार अजगर 12 से 14 फीट लंबा है।
समुद्र तल से लगभग 1500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गैरसैंण क्षेत्र में यह दूसरा मौका है,जब अजगर की उपस्थिति दर्ज की गई है,इससे पूर्व 2009-10 में मेहलचोरी बाजार से 2 किलोमीटर आगे स्यूणी पुल के समीप भी 8 से 9 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया था।गैरसैंण नगर क्षेत्र के नजदीक पहली बार अजगर दिखाई देने से जहां लोगों में कोतूहल बना हुआ है ,वहीं क्षेत्र में अन्य अजगरों की संभावित उपस्थिति से लोगों में डर का माहौल भी देखने को मिल रहा है। गांवली निवासी पूर्व सभासद राजेंद्र सिंह साह, सुरेंद्र सिंह साह,गोविंद सिंह और चंद्र सिंह ने बताया कि अजगर के पकड़े गए स्थान से महज 30 मीटर की दूरी पर पनियाली गधेरा है ,जहां पर पानी के कुंड में पहले भी ग्रामीणों ने बड़ा सांप कई बार देखा है,लेकिन तब उसका केवल कुछ भाग ही दिखाई देता था जो लोगों को देखते ही छुप जाता था। संभवतः पकडा गया अजगर वही बडा सांप हो सकता है। ग्रामीणों ने गांव के नजदीक अन्य अजगर की संभावना को देखते हुए कहा की नजदीकी इलाकों में अजगर के अंडे भी हो सकते हैं। जिसको लेकर वन विभाग से सघन अभियान चलाने की मांग की है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का खतरा न हो। डीएफओ चमोली सर्वेश दुबे ने कहा की नजदीकी क्षेत्र के लोगों को सावधानी बरतनी होगी,साथ ही अन्य अजगर की संभावनाओं व अजगर के अंडों को लेकर सर्च अभियान भी चलाया जाएगा।
गैरसैंण नगर के गांवली वार्ड के समीप पाया गया अजगर रॉक पाइथन प्रकार का है। हल्के काले व पीले रंग के अजगर की संभावित लंबाई 12 से 18 फीट तक होती है ,जो हिमालय की तलहटी में 1000 मीटर की ऊंचाई तक पाए जाते हैं।दुर्लभ मामलों में 1500 मीटर की ऊंचाई तक भी पाया जाना देखा गया है। ये अक्सर नम दलदल व पानी वाली जगह के नजदीक रहते हैं। रेप्टाईल प्रजाती के अजगर का मुख्य आहार छोटे स्तनधारी प्राणीयो के साथ ही पक्षियां व रेप्टाईल प्रजाती के ही छोटे सांप अन्य प्राणी भी होते हैं। अजगर आदतन सुस्त और धीमी रफ्तार से चलने वाले विषरहित सांप होते हैं,जो अपने शिकार को जकड़कर श्वास बंद कर निष्क्रीय करने के बाद निगल जाते हैं।
