जंगल की आग बुझाते-बुझाते बुझ गई एक जिंदगी,55 वर्षीय संविदा कर्मचारी की मौत।

जंगल की आग बुझाते-बुझाते बुझ गई एक जिंदगी,55 वर्षीय संविदा कर्मचारी की मौत।

नैनीताल-24 अप्रैल 2026

नैनीताल से एक हृदय विधायक घटना की खबर सामने आ रही है। बिड़ला क्षेत्र में जंगल में लगीं आग बुझाने के लिए पहाड़ी में चढ़े सविदा कर्मचारी आनन्द लाल 55 वर्षीय की खड़ी चट्टान से गिरकर मुर्छित हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुँची वन विभाग व पुलिस टीम द्वारा आनन्द लाल को 108 की मदद से हॉस्पिटल लाया गया। जहां जांच पड़ताल के बाद डॉक्टरों में आनन्द को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह नैनीताल क्षेत्र में बिड़ला के जंगल में लगी आग को बुझाने में वनकर्मी जुटे हुए थे। तभी खड़ी चट्टान में आग बुझा रहे आंनद लाल पैर फिसल गया और वे खाई में गिर पड़े। और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मामले में वन विभाग के रेंजर ललित मोहन कार्की का कहना है उच्च अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है।

शुक्रवार की सुबह बिड़ला चुंगी पर आग लगने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने के दौरान बिड़ला निवासी आनन्द राम फिसलकर गिर गया। सुरक्षा उपकरण नहीं होने के कारण उसके सिर में चोट आ गई और वह मूर्छित हो गया।

पूर्व सभासद दीपक कुमार भोलू ने बताया कि आनन्द शुक्रवार की सुबह बिड़ला चुंगी क्षेत्र में मूर्छित अवस्था में मिला। जिसको 108 के माध्यम से अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग की लापरवाही के चलते व्यक्ति के मरने का आरोप लगाया। कहा कि आग बुझाने वाले कर्मी बिना फ़ायरसूट व बिना हरलमेट पहने के ही बिना सुरक्षा के आग बुझा रहे हैं। इसी के चलते आनंद की मौत हुई है। लोगों ने विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा।

वन क्षेत्राधिकारी ललित कार्की ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है, विभागीय कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।विभाग के रेंजर ललित मोहन कार्की का कहना है उच्च अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है।

आनन्द लाल, जो बिड़ला क्षेत्र के निवासी थे, अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनका जाना न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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