राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चंपत राय व अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, दोनों श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से बाहर।
अयोध्या (उत्तरप्रदेश):-06 जुलाई 2026
श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावा चोरी प्रकरण में आठ लोगों की गिरफ्तारी और ट्रस्टियों पर गंभीर आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला किया है।ट्रस्ट ने महासचिव चंपतराय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। श्रीराम जन्मभूमि चंदा चोरी में चर्चित चंपतराय और डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा बैठक में मंजूर हो गया है। बिना बुलाए ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे गोपाल राव को कमरे से बाहर निकाल दिया गया था।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने की। महंत नृत्य गोपालदास इस बैठक में आने के लिए मुश्किल से माने। विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश जी को उनको मनाने के लिए आगे आना पड़ा, तब जाकर बात बनी। उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद न तो चंपत राय उन्हें देखने गए और न ही अनिल मिश्रा व गोपाल राव। कोई उन्हें ट्रस्ट की मीटिंग के लिए बुलाने भी नहीं गया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष अस्वस्थ होने के बाद भी बैठक में पहुंचे और चढ़ावा चोरी प्रकरण से काफी आहत दिखे। बैठक में ट्रस्ट के कई सदस्य ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा से बेहद नाराज दिखे। स्वामी परमानंद गिरी महराज तो आपे से बाहर से थे। बेहद खफा। ट्रस्ट ने दान चोरी पर खेद जताया और वित्तीय व्यवस्था में बड़ी चूक को माना।
बाकी संतो ने भी असंतोष जताया। सदस्य और संतों ने चढ़ावा चोरी और रामधन के गबन विवाद को लेकर भारी नाराजगी जताई। राम मंदिर ट्रस्ट की इस बैठक को अब बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद आज बैठक में इस्तीफे पर फैसला हुआ।
बैठक में वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि चढ़ावा चोरी हिंदुओं की से भावनाएं आहत हुई हैं। ट्रस्टी जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ महाराज, युगपुरुष स्वामी परमानंद, कृष्णमोहन, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि व जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी भी बैठक में शामिल थे।
कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बैठक के बाद बताया कि बीते दिनों ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने राम मंदिर से करोड़ों रुपये का चढ़ावा और अन्य बेशकीमती जेवर चोरी होने का प्रकरण सामने आने के बाद इस्तीफा दे दिया था।
ट्रस्ट की बैठक में इनका इस्तीफा स्वीकार या अस्वीकार करना प्रमुख एजेंडा था। इनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। अब चंपत राय और अनिल मिश्रा ट्रस्ट से बाहर हो गये हैं। आज की बैठक में 15 में से नौ सदस्य मौजूद थे और दो वर्चअल माध्यम से जुड़े थे।
चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद ट्रस्ट ने मामले की जांच के लिए एसआईटी से करवाने का अनुरोध किया, जिसके बाद राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया।
चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून को बड़ी कार्रवाई हुई। ट्रस्ट की शिकायत पर अयोध्या की रामजन्मभूमि कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव को चढ़ावा चोरी का आरोपी बनाया गया। इन सभी पर बीएनएस की धारा 306, 316, 317 और 61 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
27 जून को मामला उजागर होने के बाद से सवालों के घेरे में चल रहे ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय व सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। ट्रस्ट के सदस्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ ने इनके त्यागपत्र की पुष्टि की।
