ग्रामीण आपदा से त्रस्त प्रशासन एसआईआर में व्यस्त,कुनीगाड क्षेत्र में भूस्खलन से दर्जनभर परिवार प्रभावित।
रात भर जागकर ग्रामीण करते रहे निगरानी,दूसरे दिन भी प्रशासन की टीम नहीं पहुचने से ग्रामीणों में नाराजगी।
कुनिगाड़ (गैरसैंण):-06 अगस्त 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला.
भारी बरसात के बीच एक तरफ जहां दैवीय आपदाओं के चलते ग्रामीण त्रस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ तहसील प्रशासन के अधिकारीयों व कर्मचारीयों के गहन मतदाता पुनरीक्षण के कार्यों में व्यस्तता के चलते ग्रामीण अपनी परेशानियां तक नहीं सुना पा रहे हैं।
विकासखंड गैरसैंण में बुधवार शाम को हुई अतिवृष्टि के कारण कुनीगाड क्षेत्र के कुनिया बाखली कुनीगाड मल्ली में गांव के पीछे की भूमियाधार पहाडी से भारी मात्रा में भूस्खलन शुरू हुआ,जिससे मकानों के पीछे भारी मात्रा में मलवा जमा हो गया। जमा मलवे से मकानों के पीछे की दिवारों से पानी कमरों में घुस गया।जिससे मकानों के टुटने का खतरा बढता देख ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर अपनी जान बचाई।पूरी रात भारी बारीश के बीच ग्रामीण घरों की तरफ आते मलवे की निगरानी करते रहे।
ग्रामीण हीरा बल्लभ जोशी,आलम सिंह,खीम सिंह व हरि सिंह के मकान के पीछे भारी मात्रा में मलवा आया है। वहीं अन्य 8 परिवारों पर अभी भी मलवा आने का खतरा बना हुआ है।
ग्राम प्रधान आशा देवी द्वारा घटना की सूचना तहसील प्रशासन गैरसैंण को देने के साथ ही आपदा विभाग के 112 पर भी सूचित किया गया था, जिस पर प्रशासन ने एहतियात बरतने की नसीहत तो दी ,लेकिन बृहस्पतिवार को भी तहसील प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की खैर खबर पूछने नहीं पहुंचा। जिस को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
मामले को लेकर तहसीलदार हरीश पांडे का कहना है कि मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान की पहले से तय तारीखों के चलते कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई थी। भूस्खलन मामले में ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर जल्द ही स्थलीय निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जा जाएगी। उन्होंने जान माल का नुकसान न होने पर राहत जतायी।
कुनीगाड क्षेत्र के ही कोठा ग्राम पंचायत के गोगनाणी में भी भूस्खलन की सूचना मिली है,जहां शांती देवी के घर के पीछे मलवा आने से खतरा बना हुआ है। गांव में पैदल रास्ते ओर पुलिया भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई है।
मामले में ज्येष्ठ प्रमुख गैरसैंण व भंडारीखोड के क्षेत्र पंचायत सदस्य लीलाधार जोशी ने कहा की भूस्खलन के चलते गंभीर संभावनाओं को देख प्रभावित परिवारों के रहने की तैयारी पंचायत घर में कर ली गयी थी। प्रभावित परिवारों में शामिल हरि सिंह ने बताया की गांव के पीछे से जाने वाली नहर मलवे से पूरी तरह दब गई है,जिसके चलते पहाड़ी से गिर रहा मलवा और पानी सीधे घरों का रुख कर रहा है,जिससे खतरा बना हुआ है।
