अल्मोड़ा के स्याल्दे में तुलसी देवी हत्याकांड का खुलासा,75 वर्षीय बुजुर्ग आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
अल्मोड़ा:-20 सितंबर 2026
अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे क्षेत्र के रतखेत गांव में हुई तुलसी देवी की हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी राजे सिंह उर्फ राजा बाबू उर्फ राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी गांव से कुछ दूरी पर सिमलचौरा क्षेत्र में छिपा हुआ था। करीब ढाई घंटे तक चले कॉम्बिंग अभियान के बाद पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की दराती भी बरामद की गई है।
विवाद के बाद हुआ था जानलेवा हमला:जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर 2026 की सुबह रतखेत तोक निवासी 65 वर्षीय तुलसी देवी का पड़ोसी राजे सिंह से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बताया गया कि कहासुनी के दौरान दोनों पक्षों में गाली-गलौज हुई। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर राजे सिंह ने धारदार कृषि उपकरण से तुलसी देवी पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल तुलसी देवी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बुजुर्ग महिला से मारपीट का भी आरोप:मृतका के भाई हरीश चंद्र डुंगरियाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची तुलसी देवी की 95 वर्षीय मां धनुली देवी के साथ भी मारपीट की गई। घटना की जानकारी मिलने पर बरेली में रह रहे मृतका के भाई खीमानंद ने आपातकालीन नंबर 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही देघाट थाना पुलिस गांव पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस ने मृतका के भाई की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
ढाई घंटे की कॉम्बिंग के बाद गिरफ्तारी:अल्मोड़ा पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में पुलिस टीमों ने आरोपी की तलाश में इलाके में कॉम्बिंग की। करीब 2 घंटे 30 मिनट की कार्रवाई के बाद आरोपी को सिमलचौरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की दराती बरामद करने के साथ ही फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य भी जुटाए हैं।
FIR दर्ज, न्यायालय में पेशी की तैयारी:-मामले में थाना देघाट में मु0 FIR संख्या 13/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 103(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया में जुटी है। घटना के बाद रतखेत गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा है, हालांकि पूरे मामले में ग्रामीण फिलहाल सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
